बागेश्वर के पिंडारी ग्लेशियर से लापता ट्रेकर का मामला, हाईकोर्ट ने पिता को ब्लड सैंपल देने के दिए निर्देश
नैनीताल: बागेश्वर के पिंडारी ग्लेशियर से लापता 30 वर्षीय ट्रेकर अभिषेक चौहान के मामले में नैनीताल हाईकोर्ट ने उनके पिता और याचिकाकर्ता देशराज को डीएनए जांच के लिए ब्लड सैंपल देने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति आलोक माहरा की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए नैनीताल के बीडी पांडे अस्पताल की पीएमओ को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता का ब्लड सैंपल आज ही लिया जाए।
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के शामली निवासी साफ्टवेयर इंजीनियर अभिषेक चौहान 29 मई को पिंडारी ग्लेशियर की यात्रा से वापस लौटते समय लापता हो गए थे। उनकी तलाश में पुलिस, राज्य आपदा प्रबंधन बल और वन विभाग की ओर से लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिल सका है। इसके बाद अभिषेक के पिता देशराज ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सघन खोज अभियान जारी रखने की मांग की थी।
सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी विवेक चंद अदालत में पेश हुए। उन्होंने बताया कि 27 जून को कीर्तिनगर क्षेत्र में पिंडर नदी से एक शव बरामद हुआ था, जिसका डीएनए सैंपल सुरक्षित रखा गया है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि नदी से बरामद शव लापता ट्रेकर अभिषेक चौहान का हो सकता है। शव की पहचान की पुष्टि के लिए अभिषेक के पिता का ब्लड सैंपल लेकर डीएनए मिलान करना जरूरी बताया गया।
वहीं, याचिकाकर्ता की ओर से इस दावे पर आपत्ति जताई गई। पिता का कहना है कि नदी से बरामद शव उनके बेटे से मेल नहीं खाता और पहले पेश किया गया ब्लड सैंपल भी उनके बेटे के सैंपल से मेल नहीं खाता। उन्होंने दोबारा शव का सैंपल लेकर जांच कराने की मांग की। उनका यह भी कहना है कि पहले पेश किया गया ब्लड सैंपल करीब 50 वर्षीय व्यक्ति का है, जबकि उनके बेटे अभिषेक की उम्र 30 वर्ष है।
मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने नैनीताल के बीडी पांडे अस्पताल की पीएमओ को निर्देश दिए कि याचिकाकर्ता देशराज का ब्लड सैंपल तत्काल लिया जाए, ताकि शव की पहचान के लिए डीएनए जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।