उत्तराखंड के बेरोजगार युवाओं ने राहुल गांधी से की मुलाकात, रोजगार और भर्ती के मुद्दों पर हुई विस्तृत चर्चा
देहरादून। उत्तराखंड के कर्मचारियों, युवाओं और बेरोजगारों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने के उद्देश्य से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में चार प्रमुख संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी से दिल्ली स्थित उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधियों ने रोजगार, भर्ती, कर्मचारियों की सेवा संबंधी समस्याओं और अन्य मांगों को लेकर राहुल गांधी के साथ विस्तृत चर्चा की।
राहुल गांधी से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडलों में पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा, उपनल कर्मचारी संघ, नर्सिंग कर्मचारी संगठन और उत्तराखंड बेरोजगार संघ के प्रतिनिधि शामिल रहे। प्रतिनिधियों ने कर्मचारियों, संविदा कर्मियों, नर्सिंग कर्मचारियों, युवाओं और बेरोजगारों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं एवं मांगों को विस्तार से उनके समक्ष रखा।
बताया गया कि राहुल गांधी ने सभी प्रतिनिधिमंडलों की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने कहा कि इन विषयों का विस्तृत अध्ययन कराया जाएगा। साथ ही कर्मचारियों, युवाओं और बेरोजगारों से संबंधित महत्वपूर्ण मांगों को कांग्रेस के आगामी घोषणा-पत्र में शामिल करने की दिशा में पार्टी स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
प्रतिनिधिमंडलों ने कहा कि पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली, उपनल कर्मचारियों के नियमितीकरण एवं सेवा संबंधी समस्याएं, नर्सिंग कर्मचारियों की मांगें तथा युवाओं के रोजगार और भर्ती से जुड़े मुद्दे लंबे समय से उठाए जा रहे हैं। ऐसे में राहुल गांधी द्वारा इन समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना कर्मचारियों और युवाओं के लिए सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
उत्तराखंड बेरोजगार संघ की ओर से राम कण्डवाल, सुरेश सिंह, नितिन दत्ता, बिट्टू वर्मा और विशाल प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे। वहीं उपनल कर्मचारी प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष विनोद गोदियाल और प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष महेश भट्ट मौजूद रहे। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा की ओर से बीपी सिंह ने प्रतिनिधित्व किया।
प्रतिनिधिमंडलों ने उम्मीद जताई कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी उत्तराखंड के कर्मचारियों, युवाओं और बेरोजगारों से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाएगी। साथ ही आगामी कांग्रेस घोषणा-पत्र में इन मांगों को उचित स्थान मिलने की उम्मीद भी जताई गई।