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चमोली भाजपा में बढ़ी अंदरूनी खींचतान, दिशा बैठक से विधायकों ने बनाई दूरी

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By Pahadnews24
May 15, 2026 • 1 min read
चमोली भाजपा में बढ़ी अंदरूनी खींचतान, दिशा बैठक से विधायकों ने बनाई दूरी
चमोली भाजपा में बढ़ी अंदरूनी खींचतान, दिशा बैठक से विधायकों ने बनाई दूरी (Photo: Pahad News)

चमोली भाजपा में अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आती दिखाई दे रही है। शुक्रवार को गोपेश्वर में आयोजित दिशा समिति की बैठक राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बन गई, जब भाजपा के दो विधायक बैठक से दूरी बनाए रहे। इस घटनाक्रम के बाद जिले की राजनीति में गुटबाजी और असंतोष को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।


 

गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी की अध्यक्षता में आयोजित दिशा समिति की बैठक में केंद्र पोषित योजनाओं की समीक्षा की जानी थी। लेकिन कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल  और थराली विधायक भूपाल राम टम्टा बैठक में शामिल नहीं हुए। जानकारी के अनुसार दोनों विधायक बैठक स्थल से कुछ दूरी पर स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में मौजूद थे, लेकिन फिर भी उन्होंने बैठक में हिस्सा नहीं लिया।


 

बताया जा रहा है कि सांसद अनिल बलूनी तय समय से काफी देर से गोपेश्वर पहुंचे। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष, दोनों विधायक और कई कार्यकर्ता गेस्ट हाउस में उनके इंतजार में बैठे रहे। हालांकि सांसद उसी रास्ते से सीधे जिला सभागार पहुंच गए और वहां मौजूद नेताओं व कार्यकर्ताओं से मुलाकात नहीं की। इसी को विधायकों की नाराजगी की बड़ी वजह माना जा रहा है।


 

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बदरीनाथ उपचुनाव के दौरान भाजपा के भीतर जो असंतोष पनपा था, अब वह खुलकर सामने आने लगा है। वहीं कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी  को अनिल बलूनी का करीबी माना जाता है, जिससे पार्टी के भीतर नए समीकरण बनने की चर्चाएं भी तेज हैं।


 

बैठक में मौजूद बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला ने पूरे घटनाक्रम को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जनता के विकास कार्यों और योजनाओं की समीक्षा के लिए आयोजित महत्वपूर्ण बैठक भाजपा की गुटबाजी और अंदरूनी खींचतान की भेंट चढ़ गई। साथ ही उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा ऐसी बैठकों से दूरी बनाना जिले के विकास कार्यों को प्रभावित कर सकता है।


 

इस पूरे घटनाक्रम के बाद चमोली भाजपा में बढ़ते असंतोष और अंदरूनी गुटबाजी को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।


 

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