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तल्ला सल्ट में बाघ का हमला: महिपाल सिंह महरा की दर्दनाक मौत, पहले से चेतावनी के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई

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By Pahadnews24
May 3, 2026 • 1 min read
तल्ला सल्ट में बाघ का हमला: महिपाल सिंह महरा की दर्दनाक मौत, पहले से चेतावनी के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
तल्ला सल्ट में बाघ का हमला: महिपाल सिंह महरा की दर्दनाक मौत, पहले से चेतावनी के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई (Photo: Pahad News)

सल्ट में बाघ का खूनी तांडव: खेत में काम कर रहे व्यक्ति को बनाया निवाला, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

तल्ला सल्ट (अल्मोड़ा)

अल्मोड़ा जनपद के सल्ट क्षेत्र से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ तल्ला सल्ट में आदमखोर बाघ ने एक व्यक्ति पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और वन विभाग के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है।

📍 घर के पास ही घात लगाकर बैठा था बाघ

मृतक की पहचान महिपाल सिंह महरा के रूप में हुई है, जो तड़म बौरड़ा गांव के निवासी थे।

  • घटना का विवरण: महिपाल सिंह अपने घर के पास स्थित खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान झाड़ियों में घात लगाकर बैठे बाघ ने उन पर अचानक हमला कर दिया।
  • मौके पर मौत: बाघ का हमला इतना घातक था कि महिपाल सिंह को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

⚠️ वन विभाग की लापरवाही पर भड़के ग्रामीण

इस दुखद घटना ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि:

  1. क्षेत्र में बाघ की सक्रियता को लेकर कई बार शिकायत की गई थी।
  2. प्रशासन और वन विभाग ने शिकायतों को नजरअंदाज किया और कोई ठोस कदम नहीं उठाए।
  3. विभाग की इसी सुस्ती का खामियाजा आज एक ग्रामीण को अपनी जान गंवाकर भुगतना पड़ा।

📢 ग्रामीणों की मुख्य मांगें

आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखी हैं:

  • क्षेत्र में सक्रिय बाघ को तुरंत पकड़ा जाए या आदमखोर घोषित किया जाए।
  • पीड़ित परिवार को अविलंब उचित मुआवजा और सुरक्षा दी जाए।
  • गांव के पास गश्त बढ़ाई जाए ताकि अन्य लोग सुरक्षित रह सकें।

ग्राउंड रिपोर्ट: मानव-वन्यजीव संघर्ष की यह कोई पहली घटना नहीं है, लेकिन सल्ट की इस घटना ने सिस्टम की संवेदनहीनता को एक बार फिर उजागर कर दिया है। फिलहाल वन विभाग की टीम मौके पर है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि जब तक ठोस कार्रवाई नहीं होती, वे शांत नहीं बैठेंगे।

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