UKD में अंदरूनी कलह के बीच कथित ऑडियो से उठे सवाल, अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती की बातचीत को लेकर चर्चा तेज
देहरादून। उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) में चल रही अंदरूनी खींचतान के बीच एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आने के बाद पार्टी की निर्णय प्रक्रिया और नेतृत्व की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। वायरल बताए जा रहे इस ऑडियो में UKD अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती और पूर्व केंद्रीय उपाध्यक्ष आशुतोष नेगी के बीच बातचीत होने का दावा किया जा रहा है।
कथित बातचीत में एक स्थान पर अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती की ओर से यह कहते हुए सुनाई देने का दावा किया जा रहा है— “मैं आ जाता हूं उन लोगों के कहने पर… उन्होंने लेटर लिखवाया… मैं तो नहीं चाहता था।”
यदि ऑडियो की आवाज, रिकॉर्डिंग और बातचीत की पूरी संदर्भ सहित स्वतंत्र पुष्टि होती है, तो इससे पार्टी के भीतर लिए जाने वाले संगठनात्मक निर्णयों को लेकर कई सवाल खड़े हो सकते हैं। खासतौर पर यह चर्चा शुरू हो गई है कि महत्वपूर्ण फैसले पार्टी नेतृत्व के स्तर पर किस प्रक्रिया के तहत लिए जा रहे हैं और क्या इन फैसलों पर किसी अन्य व्यक्ति अथवा गुट का प्रभाव है।
निष्कासन के बाद बढ़ी अंदरूनी खींचतान
आशुतोष नेगी के पार्टी पद से हटाए जाने के बाद UKD के भीतर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हुआ है। नेगी की ओर से पहले भी संगठन के निर्णयों और कुछ वरिष्ठ नेताओं की भूमिका को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं।
बताया जा रहा है कि कथित ऑडियो में हुई बातचीत उस अवधि से जुड़ी है, जब आशुतोष नेगी को संगठनात्मक जिम्मेदारी से मुक्त किया गया था। उस समय इसे उनके क्षेत्र में संगठनात्मक एवं चुनावी तैयारियों पर ध्यान केंद्रित करने से जोड़कर बताया गया था। हालांकि वायरल ऑडियो में कथित तौर पर सामने आ रही बातचीत ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
‘तीसरी ताकत’ को लेकर सवाल
ऑडियो सामने आने के बाद UKD के भीतर यह सवाल भी चर्चा में है कि पार्टी के संगठनात्मक फैसलों पर आखिर किसका प्रभाव है। आशुतोष नेगी सहित कुछ नेताओं की ओर से पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की भूमिका को लेकर आरोप लगाए गए हैं।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और जिन नेताओं पर सवाल उठाए गए हैं, उनका पक्ष भी इस संबंध में सामने आना बाकी है।
2027 से पहले संगठन के सामने चुनौती
उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच UKD के भीतर बढ़ता विवाद पार्टी के लिए राजनीतिक चुनौती माना जा रहा है। संगठन में सक्रिय नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच यदि मतभेद लगातार बढ़ते हैं, तो इसका असर पार्टी की चुनावी रणनीति और जमीनी संगठन पर पड़ सकता है।
ऐसे में पार्टी के भीतर यह सवाल महत्वपूर्ण हो गया है कि आने वाले समय में नेतृत्व इन विवादों को किस तरह सुलझाता है और संगठन में निर्णय लेने की प्रक्रिया को कितना पारदर्शी बनाता है।
अब उठ रहे प्रमुख सवाल
- क्या वायरल हो रहा ऑडियो वास्तव में UKD अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती की ही बातचीत है?
- बातचीत किस संदर्भ में हुई थी?
- संगठनात्मक फैसलों में किन लोगों की भूमिका रहती है?
- आशुतोष नेगी को पद से हटाने के पीछे वास्तविक कारण क्या था?
- क्या UKD 2027 से पहले अंदरूनी विवादों से प्रभावित हो रहा है?
इन सभी सवालों के जवाब ऑडियो की तकनीकी एवं स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयान के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।
महत्वपूर्ण नोट: वायरल ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पहाड़ न्यूज़ 24 ऑडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है। ऑडियो में कही गई बातों को केवल कथित बातचीत के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। संबंधित नेताओं का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।