यूकेडी ने दी चेतावनी: रामनगर–काशीपुर NH-121 की बदहाल सड़क पर जल्द सुधार नहीं हुआ तो होगा आंदोलन
रामनगर/काशीपुर | पहाड़ न्यूज़ 24
रामनगर से काशीपुर को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग NH-121 इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। पर्यटन और जनजीवन के लिहाज से महत्वपूर्ण इस मार्ग की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि यहाँ सफर करना किसी जोखिम से कम नहीं है। सड़क पर बने गहरे गड्ढे न केवल प्रशासन की लापरवाही को दर्शा रहे हैं, बल्कि भ्रष्टाचार के आरोपों को भी हवा दे रहे हैं।
📍 पहाड़ की 'लाइफलाइन' पर संकट
NH-121 केवल एक सड़क नहीं है, बल्कि यह कुमाऊं और गढ़वाल को जोड़ने वाली मुख्य कड़ी है:
- पर्यटन: जिम कॉर्बेट, नैनीताल और अल्मोड़ा जाने वाले पर्यटकों के लिए यह प्रमुख मार्ग है।
- शिक्षा और स्वास्थ्य: रोजाना हजारों छात्र इसी रास्ते से कॉलेज जाते हैं और पहाड़ी क्षेत्रों के गंभीर मरीज इलाज के लिए इसी सड़क के सहारे बड़े अस्पतालों तक पहुँचते हैं।
- दैनिक परेशानी: गहरे गड्ढों के कारण यात्रा का समय दोगुना हो गया है और आए दिन वाहन खराब हो रहे हैं।
⚠️ उक्रांद का कड़ा प्रहार: "बजट पास, फिर काम क्यों नहीं?"
उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) ने इस मुद्दे पर सरकार और लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। संगठन का दावा है कि सड़क निर्माण के लिए बजट पहले ही स्वीकृत हो चुका है, फिर भी धरातल पर काम शुरू नहीं हुआ।
प्रदीप मैंदोलिया (युवा उक्रांद काशीपुर जिलाध्यक्ष):
"NH-121 की बदहाल स्थिति सरकार की विफलता का सबसे बड़ा उदाहरण है। अगर जल्द मरम्मत नहीं हुई, तो हम उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।"
आयुष रावत (युवा उक्रांद केंद्रीय मीडिया प्रभारी):
"यह सड़क उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। बजट पास होने के बावजूद देरी होना कई संदेह पैदा करता है।"
📢 जनआंदोलन की चेतावनी
युवा उक्रांद ने स्पष्ट कर दिया है कि वे जल्द ही जिम्मेदार अधिकारियों से मिलकर काम न शुरू होने का कारण पूछेंगे। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मशीनों ने काम शुरू नहीं किया, तो वे जनता को साथ लेकर सड़कों पर उतरेंगे।
पहाड़ न्यूज़ 24 कमेंट: NH-121 जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग की ऐसी स्थिति चिंताजनक है। जब सरकार पर्यटन और विकास की बात करती है, तो धरातल पर सड़कों की यह हालत उन दावों की पोल खोलती है। अब देखना होगा कि विभाग कब नींद से जागता है और कब जनता को इन गड्ढों से मुक्ति मिलती है।