पहाड़ न्यूज़ 24 | रामनगर/काशीपुर
रामनगर से काशीपुर को जोड़ने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग NH-121 इन दिनों बदहाल हालत में है। सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढे आम जनता के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन चुके हैं। यह वही मुख्य मार्ग है जो पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है और जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क, नैनीताल और अल्मोड़ा जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों को अन्य क्षेत्रों से जोड़ता है।
सिर्फ पर्यटन ही नहीं, बल्कि यह सड़क गढ़वाल और कुमाऊं के दूरस्थ इलाकों को राज्य और देश की राजधानी से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण लाइफलाइन भी है। रोजाना हजारों छात्र-छात्राएं इसी मार्ग से स्कूल और कॉलेज जाते हैं, वहीं पहाड़ी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए शहरों की ओर इसी सड़क के सहारे पहुंचते हैं। बावजूद इसके लंबे समय से सड़क की मरम्मत नहीं होना कई सवाल खड़े करता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है और यात्रा समय भी काफी बढ़ गया है। यह स्थिति न केवल प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है बल्कि सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार की ओर भी इशारा करती है।
इस मामले पर युवा उक्रांद काशीपुर जिलाध्यक्ष प्रदीप मैंदोलिया ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि, “NH-121 की बदहाल स्थिति सरकार की विफलता का जीता-जागता उदाहरण है। अगर जल्द ही सड़क की मरम्मत नहीं की गई तो संगठन आंदोलन के लिए बाध्य होगा।”
वहीं युवा उक्रांद के केंद्रीय मीडिया प्रभारी आयुष रावत ने कहा कि, “यह सड़क उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था और जनजीवन की रीढ़ है। पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य—तीनों ही क्षेत्रों पर इसका सीधा प्रभाव पड़ता है, लेकिन सरकार की अनदेखी से जनता परेशान है। यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो व्यापक स्तर पर जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा।”
युवा उक्रांद ने यह भी कहा कि वे जल्द ही इस मामले में जिम्मेदार विभाग और अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। संगठन के अनुसार सूचना मिली है कि इस सड़क के निर्माण के लिए बजट पास हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद कार्य शुरू होने में हो रही देरी कई सवाल खड़े करती है।
फिलहाल सवाल यही है कि आखिर कब तक जनता इस बदहाल सड़क का खामियाजा भुगतती रहेगी और कब जिम्मेदार विभाग इस ओर ठोस कदम उठाएगा।