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रुद्रप्रयाग में 16 वर्षीय किशोरी की सगाई पर प्रशासन का एक्शन, संभावित बाल विवाह रुकवाया

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By Pahadnews24
July 1, 2026 • 1 min read
रुद्रप्रयाग में 16 वर्षीय किशोरी की सगाई पर प्रशासन का एक्शन, संभावित बाल विवाह रुकवाया
रुद्रप्रयाग में 16 वर्षीय किशोरी की सगाई पर प्रशासन का एक्शन, संभावित बाल विवाह रुकवाया (Photo: Pahad News)

रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में 16 वर्षीय नाबालिग किशोरी की सगाई का मामला सामने आने पर जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संभावित बाल विवाह पर रोक लगा दी। प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और परिजनों को कानून की जानकारी देते हुए बालिग होने से पहले विवाह न कराने का लिखित आश्वासन लिया।

जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश कुमार मिश्र के निर्देश पर गठित संयुक्त टीम ने अगस्त्यमुनि विकासखंड की बछणस्यूं पट्टी स्थित किशोरी के घर पहुंचकर जांच की। पड़ताल में पता चला कि चार दिन पहले किशोरी की सगाई पौड़ी निवासी एक युवक से कराई गई थी। पूछताछ में यह भी सामने आया कि किशोरी पिछले करीब दो वर्षों से युवक के संपर्क में थी और उसी से विवाह करने के लिए परिजनों पर दबाव बना रही थी। सामाजिक और पारिवारिक परिस्थितियों के चलते परिजनों ने उसकी सगाई कर दी थी।

प्रशासन ने परिजनों को बताया कि 18 वर्ष से कम आयु की बालिका का विवाह कराना या उसकी तैयारी करना भी बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि दोषी पाए जाने पर दो वर्ष तक की सजा और एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। साथ ही परिस्थितियों के अनुसार संबंधित युवक के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम के तहत भी कार्रवाई संभव है।

प्रशासन की सख्ती के बाद परिजनों ने लिखित रूप से आश्वासन दिया कि किशोरी के 18 वर्ष की आयु पूरी होने से पहले उसका विवाह नहीं कराया जाएगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित युवक को भी पूछताछ के लिए तलब किया गया है, जहां उसे बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम और समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। अधिकारियों का कहना है कि कानून का सख्ती से पालन कराने के साथ-साथ जनजागरूकता अभियान भी तेज किए जाएंगे, ताकि किसी भी नाबालिग के भविष्य से खिलवाड़ न हो।


 

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