आयुष रावत बोले—गैरसैंण में USF की दमदार दस्तक, एक सीट के साथ शुरू हुआ छात्रहित की नई लड़ाई का अध्याय
गैरसैंण। गैरसैंण महाविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव में पहली बार उत्तराखंड छात्र संगठन (USF) ने चुनाव मैदान में उतरकर अपनी राजनीतिक एवं छात्र संगठनात्मक उपस्थिति दर्ज कराई। संगठन के प्रत्याशियों ने बेहद कम समय में चुनावी तैयारियां करते हुए छात्रों के बीच संपर्क किया। चुनाव परिणाम में USF की रिया सह-सचिव पद पर निर्विरोध निर्वाचित हुईं, जबकि अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और UR पद पर संगठन के प्रत्याशियों को सफलता नहीं मिली। हालांकि परिणाम के बाद भी USF के प्रत्याशियों के हौसले कम नहीं हुए और उन्होंने छात्रहित के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका जारी रखने की बात कही।

नवनिर्वाचित सह-सचिव रिया ने कहा कि वह USF की ओर से निर्वाचित होने वाली अकेली प्रत्याशी हैं, लेकिन महाविद्यालय में उनकी भूमिका केवल एक निर्वाचित पद तक सीमित नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि वह एक मजबूत और जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाते हुए छात्र-छात्राओं की समस्याओं को प्रमुखता से उठाएंगी। रिया ने कहा कि महाविद्यालय में अब तक जो कार्य नहीं हो पाए हैं, उन्हें पूरा करवाने के लिए वह हरसंभव प्रयास करेंगी और छात्रों की आवाज को प्रशासन तक पहुंचाएंगी।

अध्यक्ष पद की प्रत्याशी निहारिका ने USF को मिले समर्थन के लिए महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पहली बार चुनाव लड़ने और महज एक-दो दिन की तैयारी के बावजूद USF को छात्रों से जिस प्रकार का समर्थन मिला, वह संगठन के लिए उत्साहजनक है। निहारिका ने कहा कि वह अध्यक्ष पद पर निर्वाचित नहीं हो सकीं, लेकिन छात्रों द्वारा जताए गए भरोसे को कमजोर नहीं पड़ने देंगी और आगे भी मजबूती से विपक्ष की भूमिका निभाते हुए छात्रहित के मुद्दों को उठाएंगी।

उपाध्यक्ष पद की प्रत्याशी वंशिका ने कहा कि USF ने पहली बार चुनाव में उतरकर छात्रों के बीच अपने विचार और मुद्दे रखने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि कम समय में मिले समर्थन ने संगठन के कार्यकर्ताओं और प्रत्याशियों का उत्साह बढ़ाया है। चुनाव समाप्त होने के बाद भी छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर उनकी सक्रियता जारी रहेगी।
सचिव पद की प्रत्याशी स्नेहा ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव केवल जीत और हार तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों की समस्याओं और अधिकारों को सामने रखने का भी माध्यम है। उन्होंने कहा कि USF आगे भी महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाएगा और आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन के समक्ष छात्रों की आवाज रखेगा।

UR पद की प्रत्याशी गायत्री ने कहा कि पहली बार चुनाव लड़ते हुए बेहद कम समय में छात्रों से मिला समर्थन उनके लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम के बावजूद छात्रों के बीच उनकी सक्रियता बनी रहेगी और महाविद्यालय की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे।
वहीं USF के चुनाव प्रभारी एवं युवा उक्रांद के केंद्रीय मीडिया प्रभारी आयुष रावत ने कहा कि महज एक-दो दिन की तैयारी में USF को जो मत और छात्रों का विश्वास मिला, वह संगठन के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इससे यह स्पष्ट होता है कि छात्र अपने मुद्दों को लेकर बदलाव की उम्मीद रखते हैं और उन्हें अपनी आवाज के लिए एक मंच की आवश्यकता है। आयुष रावत ने कहा कि यदि संगठन को चुनाव की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिलता तो परिणाम अलग हो सकते थे, लेकिन वह इस परिणाम को हार के रूप में नहीं देखते।
उन्होंने कहा कि गैरसैंण महाविद्यालय में USF के लिए यह अंत नहीं, बल्कि एक नए अध्याय की शुरुआत है। USF आगे भी छात्रहित और जनहित से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाता रहेगा और महाविद्यालय में एक जिम्मेदार एवं सक्रिय विपक्ष की भूमिका निभाएगा। आयुष रावत ने चुनाव में निर्वाचित सभी छात्र प्रतिनिधियों को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि वे छात्रों की समस्याओं और अपेक्षाओं को प्राथमिकता देंगे।