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चंपावत कथित नाबालिग गैंगरेप केस में बड़ा खुलासा, ₹50 लाख के समझौते की कहानी भी निकली झूठी

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By Pahadnews24
May 8, 2026 • 1 min read
चंपावत कथित नाबालिग गैंगरेप केस में बड़ा खुलासा, ₹50 लाख के समझौते की कहानी भी निकली झूठी
चंपावत कथित नाबालिग गैंगरेप केस में बड़ा खुलासा, ₹50 लाख के समझौते की कहानी भी निकली झूठी (Photo: Pahad News)

खटीमा/चंपावत


उत्तराखंड के चंपावत जिले में चर्चित कथित नाबालिग गैंगरेप मामले में अब नया मोड़ आ गया है। पुलिस द्वारा मामले का खुलासा किए जाने के बाद पीड़िता और उसके चचेरे भाई के वीडियो सामने आए हैं, जिनमें कई चौंकाने वाले दावे किए गए हैं। दोनों वीडियो में कथित गैंगरेप की घटना से इनकार किया गया है और पूरे मामले को साजिश बताया गया है।


 

पुलिस ने 7 मई को प्रेस नोट जारी कर कहा था कि मेडिकल जांच में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है और नाबालिग के शरीर पर किसी प्रकार के चोट के निशान भी नहीं मिले। पुलिस के अनुसार, जिन तीन युवकों पर गैंगरेप का मुकदमा दर्ज किया गया था, उन्हें एक सुनियोजित साजिश के तहत फंसाने की कोशिश की गई।


 

अब सामने आए वीडियो में पीड़िता ने कहा है कि उसके साथ कोई गलत घटना नहीं हुई। उसने आरोप लगाया कि कमल रावत और उसकी एक महिला मित्र ने मिलकर ऐसा माहौल बनाने की योजना बनाई थी, जिससे आरोपियों को झूठे केस में फंसाया जा सके। वीडियो में पीड़िता ने कहा कि वह यह बयान बिना किसी दबाव और पूरी मानसिक स्थिति में दे रही है।


 

वहीं, पीड़िता के चचेरे भाई ने भी वीडियो जारी कर 50 लाख रुपये के समझौते वाली बात को लेकर सफाई दी है। उसने बताया कि पहले उसे यही बताया गया था कि आरोपी पक्ष समझौते के लिए दबाव बना रहा है और 50 लाख रुपये की पेशकश कर रहा है। लेकिन बाद में उसे पता चला कि यह जानकारी भी उसे भ्रामक तरीके से दी गई थी।


 

भाई के अनुसार, कई दिनों तक उसकी अपने चाचा और बहन से बात नहीं हो पा रही थी। जब उसने दोबारा कॉल किया तो फोन कमल रावत ने उठाया और बताया कि उसकी बहन पुलिस हिरासत में है। इसके बाद उसने अलग-अलग बातें बताकर उसे भ्रमित किया। भाई का आरोप है कि कमल रावत ने ही उसे एसपी को मैसेज भेजने के लिए कहा था और 50 लाख रुपये वाले आरोप का जिक्र भी उसी ने कराया।


 

शाम को जब उसकी अपने चाचा से बात हुई, तब पूरे मामले की सच्चाई सामने आई। इसके बाद भाई ने वीडियो जारी कर पुलिस और उन लोगों से माफी मांगी, जिन पर बिना पुष्टि के आरोप लगाए गए थे।


 

गौरतलब है कि इस मामले में सामने आए कमल रावत का नाम पहले भी एक अन्य नाबालिग दुष्कर्म मामले में सामने आ चुका है। हालांकि, वह बाद में हाईकोर्ट से बरी हो गया था।


 

दरअसल, पूरा मामला तब शुरू हुआ जब नाबालिग के पिता ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि उनकी बेटी शादी समारोह में गई थी और देर रात संदिग्ध परिस्थितियों में एक कमरे में मिली, जहां उसने गैंगरेप की बात कही थी। इसके बाद पुलिस ने तीन युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। लेकिन जांच और मेडिकल रिपोर्ट के बाद पुलिस ने दावा किया कि मामला झूठा और साजिशन रचा गया था।


 

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