धारचूला में महिला पोस्टमैन पर अभद्रता और धमकी देने के आरोप, ग्रामीणों में आक्रोश
पिथौरागढ़/धारचूला। पिथौरागढ़ जिले के धारचूला क्षेत्र के जारा-जिबली गांव में तैनात एक महिला पोस्टमैन और उसके साथी का कथित अभद्र व्यवहार इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में कई महीनों से डाक वितरण का कार्य सही तरीके से नहीं किया जा रहा था और लोगों की महत्वपूर्ण डाक पोस्ट ऑफिस में ही पड़ी हुई थी। इससे ग्रामीणों को सरकारी पत्राचार, बैंकिंग दस्तावेजों और अन्य आवश्यक सूचनाओं के संबंध में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बताया जा रहा है कि जब एक स्थानीय युवा सामाजिक कार्यकर्ता ग्रामीणों के साथ पोस्ट ऑफिस पहुंचा और डाक वितरण में हो रही देरी का कारण जानने का प्रयास किया, तो वहां मौजूद महिला पोस्टमैन और उसके साथी ने सवालों का जवाब देने के बजाय कथित तौर पर अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया।
वायरल वीडियो में महिला कर्मचारी स्थानीय युवक को कथित रूप से यह कहते हुए सुनाई दे रही है कि, “मैं लड़की हूं, ऐसा फंसा दूंगी तुझे… ठीक है।” आरोप है कि बातचीत के दौरान महिला कर्मचारी युवक को लगातार धक्का देती रही, बिना अनुमति के उसे छूती रही और अपमानजनक भाषा का प्रयोग करती रही।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब युवक ने उनसे शालीनता से बात करने और व्यवहार में संयम रखने की बात कही, तो महिला कर्मचारी ने कथित तौर पर जवाब दिया, “हां, मुझे इतनी ही तमीज है, तू क्या कर लेगा।” वीडियो में कर्मचारी द्वारा युवक को दिल्ली तक पहुंचा देने जैसी धमकियां देने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि महिला कर्मचारी और उसका साथी बातचीत के दौरान लोगों से स्वयं को “सर” और “मैडम” कहकर संबोधित करने की मांग कर रहे थे। जबकि दूसरी ओर स्थानीय लोग लगातार शांतिपूर्ण ढंग से अपनी समस्या रखने का प्रयास करते दिखाई दे रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र के कई डाकघरों में बाहरी राज्यों से आए कर्मचारियों की तैनाती के बाद से डाक वितरण व्यवस्था प्रभावित हुई है। उनका कहना है कि पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्रों में आज भी डाक सेवा लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माध्यम है और इस प्रकार की लापरवाही सीधे तौर पर आम नागरिकों के अधिकारों और सुविधाओं को प्रभावित करती है।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों ने संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल डाक विभाग की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ग्रामीणों को अब विभागीय जांच और प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार है।