🚨 BREAKING NEWS
Advertisement
Advertise with us
Homeउत्तराखंडधराली आपदा की पहली बरसी: 70 दिवंगतों को...

धराली आपदा की पहली बरसी: 70 दिवंगतों को श्रद्धांजलि, पौधरोपण के साथ पुनर्निर्माण का लिया संकल्प

P
By Pahadnews24
August 6, 2026 • 1 min read
धराली आपदा की पहली बरसी: 70 दिवंगतों को श्रद्धांजलि, पौधरोपण के साथ पुनर्निर्माण का लिया संकल्प
धराली आपदा की पहली बरसी: 70 दिवंगतों को श्रद्धांजलि, पौधरोपण के साथ पुनर्निर्माण का लिया संकल्प (Photo: Pahad News)

उत्तरकाशी: उत्तरकाशी के धराली में 5 अगस्त 2025 को आई विनाशकारी आपदा की पहली बरसी पर ग्रामीणों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर दिवंगतों को याद किया। इस दौरान खीरगंगा में आए मलबे की चपेट में जान गंवाने वाले धराली गांव के आठ लोगों समेत कुल 70 मृतकों की आत्मा की शांति के लिए एक दिवसीय पाठ-पूजा का आयोजन किया गया। श्रद्धांजलि स्वरूप आपदा स्थल पर 101 पौधों का रोपण भी किया गया और हर वर्ष 5 अगस्त को पौधरोपण कर दिवंगतों को श्रद्धांजलि देने का संकल्प लिया गया।

 

कार्यक्रम में पांच विद्वान पंडितों ने रुद्राष्टक, पितृ शांति पाठ और श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ कर दिवंगत आत्माओं की शांति की प्रार्थना की। श्रद्धांजलि सभा के दौरान कई ग्रामीण भावुक हो उठे। उनका कहना था कि एक वर्ष बीत जाने के बावजूद कई परिवार अपने लापता परिजनों के अंतिम दर्शन तक नहीं कर सके और आपदा का दर्द आज भी उतना ही गहरा है।

 

धराली आपदा ने कई परिवारों की जिंदगी बदल दी। घर, होटल, दुकानें और सेब के बगीचे मलबे में समा गए, जबकि करीब 30 परिवार आज भी किराए के मकानों या रिश्तेदारों के यहां रहने को मजबूर हैं। प्रभावितों ने बताया कि सरकारी सहायता मिली है, लेकिन स्थायी पुनर्वास का कार्य जल्द पूरा होना चाहिए। प्रशासन के अनुसार, 21 परिवारों के पुनर्वास के लिए भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण पूरा हो चुका है, 66 प्रभावितों का पुनर्वास अंतिम चरण में है और 25 अन्य परिवारों के मामलों में भी कार्रवाई जारी है।

 

ग्रामीण अब धीरे-धीरे सामान्य जीवन की ओर लौटने का प्रयास कर रहे हैं। सेब बागवानी, नकदी फसलें और पर्यटन आधारित स्वरोजगार फिर से आजीविका का आधार बन रहे हैं। हालांकि खीरगंगा के किनारे दोबारा बड़े होटल और व्यवसाय शुरू करने को लेकर अभी भी आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी किनारों पर मजबूत सुरक्षा कार्य होने के बाद ही क्षेत्र का सुरक्षित पुनर्विकास संभव होगा।

 

गौरतलब है कि 5 अगस्त 2025 को खीरगंगा (खेरागाड़ बेसिन) में आए फ्लैश फ्लड ने धराली बाजार का बड़ा हिस्सा तबाह कर दिया था। इस आपदा में होटल, मकान, दुकानें, सेब के बगीचे और कल्पेश्वर मंदिर मलबे में दब गए थे। सरकार ने मृतकों के आश्रितों, घायलों, क्षतिग्रस्त भवनों के स्वामियों और होटल कारोबारियों को विभिन्न मदों में आर्थिक सहायता प्रदान की है, जबकि पुनर्वास की प्रक्रिया अभी भी जारी है।


 

उत्तराखंड UTTARAKHAND