हरिद्वार टाइगर शिकार मामला: सरेंडर की तैयारी में मुख्य आरोपी आमिर हमजा, कोर्ट में लगाई अर्जी
हरिद्वार के श्यामपुर रेंज में दो बाघों की मौत और उनके पंजे काटे जाने के सनसनीखेज मामले में मुख्य आरोपी आमिर हमजा उर्फ मियां अब सरेंडर की तैयारी में है। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने अपने वकील के जरिए सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण की अर्जी दाखिल की है। आरोपी पिछले पांच दिनों से फरार चल रहा है और वन विभाग की टीमें लगातार उसकी तलाश में दबिश दे रही हैं।
वन विभाग के मुताबिक, आमिर हमजा इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड है। आरोप है कि उसने मृत भैंस पर खेतों में इस्तेमाल होने वाला जहरीला पदार्थ छिड़का था। जहरीला मांस खाने से दो वर्षीय दो बाघों की मौत हो गई। इसके बाद आरोपी ने बाघों के पंजे काटकर उन्हें बेचने की योजना बनाई थी।
वन विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए जंगल से दोनों बाघों के शव बरामद किए थे और मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। वहीं मुख्य आरोपी आमिर हमजा फरार चल रहा था।
बीती रात वन विभाग की टीम ने जंगल क्षेत्र में दबिश देकर आरोपी की घेराबंदी भी की, लेकिन वह अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। इसके बाद वन विभाग ने उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी तेज कर दी। साथ ही उसके करीबियों और स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की गई।
वन अधिकारियों ने वन गुज्जर नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर आरोपी को कानून का सहयोग करने और कानूनी प्रक्रिया में शामिल होने की अपील की। लगातार बढ़ते दबाव के बीच अब आरोपी ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट यानी सीजेएम कोर्ट में सरेंडर के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया है।
वन विभाग की कोशिश है कि आरोपी कोर्ट में आत्मसमर्पण करने से पहले ही गिरफ्तार हो जाए, ताकि पूछताछ में पूरे नेटवर्क और मामले का खुलासा किया जा सके। इसी को लेकर वन विभाग की टीमें सादे कपड़ों में कोर्ट परिसर और आसपास के इलाकों में निगरानी बनाए हुए हैं।
हरिद्वार वन प्रभाग के डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने बताया कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है और जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा।