हेम भट्ट को देर रात घर से उठाने पर बवाल, उक्रांद बोला — पत्रकारों की आवाज दबाना बंद करे सरकार
देहरादून में जय भारत टीवी के पत्रकार हेम भट्ट को देर रात घर से उठाने का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। उत्तराखंड क्रांति दल ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र और प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताया है।
मिली जानकारी के अनुसार आज सुबह प्रातः करीब 4 बजे पुलिस पत्रकार हेम भट्ट के घर पहुंची और उन्हें अपने साथ ले गई। आरोप है कि इस दौरान उनके परिवार के सामने उनके साथ अभद्रता और मारपीट भी की गई। साथ ही उनकी पत्नी का मोबाइल फोन जबरन छीनने का भी आरोप लगाया गया है।
बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला पूर्व शिक्षा मंत्री और गदरपुर विधायक अरविंद पांडेय के इंटरव्यू के बाद सामने आया। वहीं सुबह से ही यह मामला सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में बना हुआ है और लोग पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं।
उक्रांद नेताओं ने धामी सरकार पर मीडिया की आवाज दबाने और सत्ता से सवाल पूछने वाले पत्रकारों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। पार्टी ने इस कार्रवाई को “असंवैधानिक और बर्बर” बताते हुए कहा कि उत्तराखंड आंदोलनकारियों और वीरों की भूमि है, यहां डर और दबाव की राजनीति नहीं चलेगी।
उक्रांद ने मांग की है कि पत्रकार हेम भट्ट को बिना किसी शर्त के तुरंत सकुशल घर वापस भेजा जाए और पूरे मामले में शामिल पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। पत्रकार संगठनों ने भी घटना की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।