मानसून की पहली बारिश में उत्तराखंड बेहाल, 40 से अधिक गांवों का संपर्क टूटा
देहरादून: उत्तराखंड में मानसून की पहली ही बारिश ने सरकार की तैयारियों की पोल खोल दी है। सीमांत क्षेत्रों में लगातार हुई बारिश के बाद कई स्थानों पर पहाड़ दरकने और भारी मलबा आने से नौ प्रमुख ग्रामीण सड़कें पूरी तरह बंद हो गई हैं। इसके चलते 40 से अधिक गांवों का संपर्क शेष दुनिया से कट गया है और लगभग 15 हजार लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित होकर घरों में रहने को मजबूर हैं।
डीडीहाट-पमस्यारी, आदिचौरा-सीणी, बांसबगड़-कोटा, तवाघाट-थानीधार, छेड़ा-आगर, डड्ढोरा-बारमो, बुंगाछीना-कुसैल, बेड़ीनाग-दौलीगाड़-पौसा तथा गलाती-रमतोली-धामी गांव को जोड़ने वाली सड़कें मलबा और बोल्डर गिरने के कारण बंद हो गई हैं। कई स्थानों पर ग्रामीण और यात्री अपनी जान जोखिम में डालकर मलबे के बीच से गुजरने को मजबूर हैं।
मौसम विभाग ने जिले में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। ऐसे में स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है। दूसरी ओर प्रशासन का दावा है कि प्रभावित मार्गों पर जेसीबी मशीनें तैनात कर दी गई हैं और जल्द ही सभी सड़कें खोलने का प्रयास किया जा रहा है।
मानसून की शुरुआत के साथ ही सामने आई यह स्थिति एक बार फिर सवाल खड़े करती है कि हर साल आपदा की आशंका के बावजूद सड़क सुरक्षा, भूस्खलन रोकथाम और आपदा प्रबंधन की तैयारियां आखिर कितनी प्रभावी हैं। यदि समय रहते स्थायी समाधान नहीं किए गए तो आने वाले दिनों में हालात और भी गंभीर हो सकते हैं।