त्योहार से पहले दुकानों में छापे: संतरा-आंवला जूस और मलाई पेड़ा के लिए नमूने, कई दुकानों का चालान
नैनीताल। आगामी रक्षाबंधन और जन्माष्टमी के त्योहारों को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिलावटखोरी के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखंड और जिलाधिकारी के निर्देश पर श्रीकैंचीधाम क्षेत्र में संयुक्त टीम ने कैंची, छड़ा, खैरना और गरमपानी क्षेत्र के रेस्टोरेंट, किराना, फल-सब्जी और मिठाई की दुकानों समेत एक दर्जन से अधिक खाद्य प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर दो विक्रेताओं से संतरा जूस, आंवला जूस और मलाई पेड़ा के कुल तीन खाद्य नमूने लिए गए हैं। इन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। वहीं, एफएसएस एक्ट 2006 के प्रावधानों का अनुपालन नहीं करने पर दो प्रतिष्ठानों को ऑनलाइन नोटिस जारी किए गए हैं। 15 दिन के भीतर अनुपालन नहीं होने पर कोर्ट चालान की कार्रवाई की जाएगी। संबंधित प्रावधान के तहत धारा 55 में दो लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
इसके अलावा एक प्रतिष्ठान में कालातीत यानी एक्सपायरी खाद्य सामग्री मिलने पर कोर्ट चालान की कार्रवाई प्रस्तावित की जा रही है।
त्योहारों को लेकर विशेष सतर्कता
वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी असलम खान ने बताया कि रक्षाबंधन और जन्माष्टमी को देखते हुए विभाग की ओर से विशेष सतर्कता बरती जा रही है। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान संचालकों को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री ही बेचने, बिना बिल के खाद्य सामग्री की खरीद नहीं करने और स्टॉक का पूरा विवरण रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही कालातीत खाद्य सामग्री का विक्रय या भंडारण नहीं करने तथा प्रतिष्ठानों में नियमित साफ-सफाई और कीट नियंत्रण के लिए दवाओं का छिड़काव करने को कहा गया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी सूरत में मिलावटी खाद्य सामग्री की बिक्री नहीं होने दी जाएगी। मिलावट करने वालों के खिलाफ विभाग सख्त कार्रवाई करेगा। आम लोगों से भी अपील की गई है कि जहां कहीं खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका हो, इसकी सूचना विभाग को दें, ताकि तत्काल कार्रवाई की जा सके।
दुकानदारों को दिए ये जरूरी निर्देश
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने खाद्य व्यापारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सभी खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने और खाद्य पदार्थों में किसी भी तरह की मिलावट नहीं करने को कहा गया है। पैक्ड खाद्य पदार्थों पर निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि और बैच नंबर स्पष्ट रूप से अंकित होना चाहिए।
इसके अलावा दुकानों पर रेट लिस्ट प्रदर्शित करना, बिल या कैश मेमो लेना और ग्राहकों को उपलब्ध कराना तथा FSSAI लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र प्रदर्शित करना अनिवार्य बताया गया है। खराब और कालातीत खाद्य सामग्री की बिक्री पर पूरी तरह रोक रहेगी।
खाद्य पदार्थों में अनियमितता, शिकायत या नमूना फेल होने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफएसएस एक्ट 2006 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
संयुक्त निरीक्षण अभियान में खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी असलम खान, राजस्व प्रशासन से तहसीलदार भुवन चंद्र भंडारी सहित अन्य विभागीय कर्मचारी मौजूद रहे।