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नैनीताल नाबालिग दुष्कर्म कांड: आरोपी उस्मान खान को नहीं मिली जमानत, हाईकोर्ट ने मांगी ट्रायल रिपोर्ट

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By Pahadnews24
June 19, 2026 • 1 min read
नैनीताल नाबालिग दुष्कर्म कांड: आरोपी उस्मान खान को नहीं मिली जमानत, हाईकोर्ट ने मांगी ट्रायल रिपोर्ट
नैनीताल नाबालिग दुष्कर्म कांड: आरोपी उस्मान खान को नहीं मिली जमानत, हाईकोर्ट ने मांगी ट्रायल रिपोर्ट (Photo: Pahad News)

नैनीताल। नैनीताल में नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के बहुचर्चित मामले में आरोपी ठेकेदार उस्मान खान को फिलहाल राहत नहीं मिली है। शुक्रवार को उत्तराखंड हाईकोर्ट में उसकी दूसरी जमानत याचिका पर सुनवाई हुई, जहां न्यायमूर्ति आलोक महरा की पीठ ने राज्य सरकार से ट्रायल की स्थिति पर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।


 

सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष की ओर से दलील दी गई कि इससे पूर्व हाईकोर्ट ने जमानत याचिका खारिज करते हुए एडीजे हल्द्वानी को तीन माह के भीतर ट्रायल पूरा करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक ट्रायल पूरा नहीं हो पाया है। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि मामले के प्रमुख गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं, इसलिए साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका नहीं है और आरोपी को जमानत दी जानी चाहिए।


 

हालांकि अदालत ने आरोपी को कोई राहत नहीं दी और ट्रायल कोर्ट से निर्धारित समयावधि के भीतर ट्रायल की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। गौरतलब है कि 30 अप्रैल 2025 को नैनीताल के मल्लीताल थाना क्षेत्र में 12 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया था, जिसके बाद शहर में भारी आक्रोश फैल गया था।


 

घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया था और कई स्थानों पर तोड़फोड़ की घटनाएं भी हुई थीं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा था। इसके बाद आरोपी उस्मान खान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था, जहां वह तब से बंद है।


 

मामले की गंभीरता को देखते हुए नैनीताल की प्रमुख सामाजिक एवं धार्मिक संस्था अंजुमन इस्लामिया ने भी आरोपी और उसके परिवार का सामाजिक बहिष्कार करने का ऐलान किया था। संस्था के अध्यक्ष शोएब अहमद ने स्पष्ट किया था कि आरोपी को किसी भी सामाजिक, धार्मिक या पारिवारिक कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया जाएगा।


 

पुलिस द्वारा आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के साथ-साथ एससी/एसटी एक्ट की धाराओं में भी मुकदमा दर्ज किया गया है। 6 मई 2025 को हुई सुनवाई के दौरान तत्कालीन एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा ने हाईकोर्ट को बताया था कि पीड़िता अनुसूचित जाति से संबंधित है, इसलिए मामले में एससी/एसटी एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।


 

अब इस मामले में अगली सुनवाई ट्रायल कोर्ट की रिपोर्ट प्रस्तुत होने के बाद होगी।


 

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