बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर का बड़ा राजनीतिक धमाका, 18 हजार से अधिक वोटों से जीते; भाजपा का तीन दशक पुराना गढ़ ढहा
बिहार की राजनीति में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव ने बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार को 18 हजार से अधिक मतों के अंतर से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ जन सुराज ने भाजपा के उस गढ़ में सेंध लगा दी, जिसे पिछले करीब तीन दशकों से पार्टी का सबसे सुरक्षित निर्वाचन क्षेत्र माना जाता रहा है।
30 जुलाई को हुए मतदान के बाद सोमवार को मतगणना शुरू हुई। शुरुआती रुझानों से ही प्रशांत किशोर लगातार बढ़त बनाए रहे और प्रत्येक दौर की गिनती के साथ उनका जीत का अंतर बढ़ता गया। अंततः मतगणना पूरी होने पर उन्होंने 18 हजार से अधिक मतों के बड़े अंतर से जीत दर्ज करते हुए भाजपा को करारी शिकस्त दी।
बांकीपुर सीट लंबे समय से भाजपा के कब्जे में रही है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन के विधायक पद से इस्तीफा देने के बाद यहां उपचुनाव कराया गया था। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह चुनाव भाजपा की प्रतिष्ठा से जुड़ा माना जा रहा था, लेकिन परिणाम ने सभी राजनीतिक समीकरण बदल दिए।
शुरुआत में इस सीट पर भाजपा, जन सुराज और राजद के बीच त्रिकोणीय मुकाबले की चर्चा थी, लेकिन मतगणना के दौरान तस्वीर पूरी तरह बदल गई। जन सुराज ने निर्णायक बढ़त हासिल करते हुए चुनाव को एकतरफा बना दिया और भाजपा को उसके पारंपरिक गढ़ में ही मात दे दी।
प्रशांत किशोर की यह जीत केवल एक विधानसभा सीट तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे बिहार की राजनीति में जन सुराज के बढ़ते जनाधार और आगामी विधानसभा चुनावों से पहले एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। वहीं भाजपा के लिए यह परिणाम आत्ममंथन का विषय बन गया है, क्योंकि वर्षों से मजबूत मानी जाने वाली सीट पर उसे अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा।