नंदा देवी बड़ी जात यात्रा से पहले प्रशासन अलर्ट! रास्ते में छिपे हैं ये बड़े खतरे
चमोली: वर्ष 2026 में प्रस्तावित श्री नंदा देवी बड़ी जात यात्रा को लेकर वन विभाग, पुलिस और एसडीआरएफ की संयुक्त टीमों ने यात्रा मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। टीम ने वाण से होमकुंड होते हुए सुतोल तक तथा सुतोल से होमकुंड तक प्रस्तावित पैदल मार्ग की वर्तमान स्थिति, सुगमता और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान वाण से ज्यूरागली तक करीब 32 किलोमीटर और सुतोल से होमकुंड तक लगभग 34 किलोमीटर क्षेत्र का स्थलीय परीक्षण किया गया। इस दौरान मार्ग के कई हिस्से अत्यंत दुर्गम, जोखिमपूर्ण और भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील पाए गए।
स्थलीय निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर जिला पर्यटन विकास अधिकारी अरविंद गौड़ ने श्री नंदा देवी बड़ी जात आयोजन समिति को पत्र जारी कर वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए आवश्यक एडवाइजरी जारी की है। एडवाइजरी में कहा गया है कि प्रस्तावित यात्रा मार्ग दुर्गम वन क्षेत्रों और विभिन्न पड़ावों से होकर गुजरता है, जो आपदा की दृष्टि से संवेदनशील और जोखिमपूर्ण हैं। यात्रा का आयोजन आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के प्रावधानों और निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप किए जाने पर जोर दिया गया है।
प्रशासन की ओर से विशेष रूप से बेदनी से आगे के निर्जन वन क्षेत्रों और अन्य पड़ावों को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। जनहित और जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उच्च हिमालयी क्षेत्रों में प्रस्तावित यात्रा को यथासंभव सीमित रखने की अपेक्षा की गई है।
इसके अलावा यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को बेदनी के लिए रवाना होने से पहले वाण में अनिवार्य स्वास्थ्य परीक्षण कराने की सलाह दी गई है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य स्थिति का आकलन करना और यात्रा के दौरान संभावित अप्रिय घटनाओं के जोखिम को कम करना है।
आयोजन समिति से यात्रा के दौरान सुरक्षा, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। वहीं श्रद्धालुओं और आमजन से मार्ग की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों एवं सुरक्षा मानकों का पालन करने और यात्रा के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है।