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श्रीनगर में अलकनंदा तट पर विसर्जित हुईं पूरन चंद्र जोशी की अस्थियां पैतृक नगर पहुंचा परिवार, पुरानी यादों के बीच भावुक हुआ माहौल

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By Pahadnews24
May 19, 2026 • 1 min read
श्रीनगर में अलकनंदा तट पर विसर्जित हुईं पूरन चंद्र जोशी की अस्थियां  पैतृक नगर पहुंचा परिवार, पुरानी यादों के बीच भावुक हुआ माहौल
श्रीनगर में अलकनंदा तट पर विसर्जित हुईं पूरन चंद्र जोशी की अस्थियां पैतृक नगर पहुंचा परिवार, पुरानी यादों के बीच भावुक हुआ माहौल (Photo: Pahad News)

श्रीनगर गढ़वाल, 19 मई। 


भाजपा की वरिष्ठ नेत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री Rita Bahuguna Joshi के पति स्वर्गीय पूरन चंद्र जोशी की अस्थियां मंगलवार को श्रीनगर गढ़वाल स्थित आईटीआई घाट पर अलकनंदा नदी में वैदिक रीति-रिवाजों के साथ विसर्जित की गईं। इस दौरान परिवारजन, रिश्तेदार और निकट सहयोगी मौजूद रहे तथा पूरा वातावरण भावुक हो उठा।


 

अस्थि विसर्जन संस्कार कुलपुरोहित पंडित किशोर जोशी और अभिषेक बहुगुणा के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ। स्वर्गीय जोशी के पुत्र मयंक जोशी एवं पुत्रवधु ऋचा जोशी ने विधिवत पूजा-अर्चना कर अंतिम संस्कार की परंपराएं निभाईं।

बताया गया कि पूरन चंद्र जोशी का हाल ही में लखनऊ के एक अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया था। उनका अंतिम संस्कार प्रयागराज में किया गया था, जबकि मंगलवार को उनकी पैतृक भूमि श्रीनगर गढ़वाल में अलकनंदा तट पर अस्थियों का विसर्जन किया गया।


 

स्वर्गीय पूरन चंद्र जोशी मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल जनपद के पाबौ ब्लॉक अंतर्गत ग्राम गडेरा, पट्टी खातस्यूं के निवासी थे। उनका श्रीनगर से गहरा जुड़ाव रहा। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज श्रीनगर से प्राप्त की थी, जबकि बीएससी की पढ़ाई गढ़वाल विश्वविद्यालय के बिड़ला परिसर से की थी। उनके पिता गोपाल दत्त जोशी भी राजकीय इंटर कॉलेज श्रीनगर में शिक्षक रहे थे।


 

अस्थि विसर्जन कार्यक्रम में परिवार के अन्य सदस्य, जिनमें कमलेश जोशी, विनोद जोशी और भारतेंदु जोशी सहित कई लोग उपस्थित रहे।


 

कार्यक्रम के बाद मयंक जोशी ने परिवार सहित शिशु मंदिर परिसर और राजकीय इंटर कॉलेज श्रीनगर का भ्रमण भी किया। इस दौरान उन्होंने अपने पिता से जुड़ी पुरानी स्मृतियों को याद करते हुए भावुक पल साझा किए। श्रीनगर की गलियों, शिक्षण संस्थानों और अलकनंदा तट से जुड़ी पारिवारिक यादों ने पूरे परिवार को भावुक कर दिया।


 

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