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मरी बकरी का मांस खाने से 25 से ज्यादा लोग बीमार, बच्चों और महिलाओं में उल्टी-दस्त की शिकायत

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By Pahadnews24
September 5, 2026 • 1 min read
मरी बकरी का मांस खाने से 25 से ज्यादा लोग बीमार, बच्चों और महिलाओं में उल्टी-दस्त की शिकायत
मरी बकरी का मांस खाने से 25 से ज्यादा लोग बीमार, बच्चों और महिलाओं में उल्टी-दस्त की शिकायत (Photo: Pahad News)

कीर्तिनगर/श्रीनगर: कीर्तिनगर ब्लॉक के मलेथा के समीप स्थित सिरोला गांव में मरी हुई बकरी का मांस खाने के बाद 25 से अधिक लोगों के बीमार पड़ने का मामला सामने आया है। एक साथ बड़ी संख्या में ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ने से गांव में हड़कंप मच गया। बीमार लोगों में बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं। कई मरीजों का उपचार बेस अस्पताल श्रीकोट में चिकित्सकों की निगरानी में चल रहा है।

 

जानकारी के अनुसार, गांव में एक बकरी की मौत हो गई थी। इसके बाद ग्रामीणों ने कथित तौर पर बकरी का मांस पकाकर खा लिया। मांस खाने के कुछ समय बाद ही कई लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। लोगों में उल्टी, दस्त, पेट दर्द और कमजोरी जैसी शिकायतें सामने आईं। वहीं, कुछ बच्चों में डायरिया के लक्षण भी बताए जा रहे हैं।

 

कई मरीज बेस अस्पताल श्रीकोट में भर्ती

तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर कुछ मरीजों को बेस अस्पताल श्रीकोट लाया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार किया जा रहा है। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग भी मामले पर नजर बनाए हुए है। एक साथ बड़ी संख्या में लोगों के बीमार पड़ने से ग्रामीणों में चिंता का माहौल है।

 

मरे या बीमार पशु का मांस न खाने की सलाह

चिकित्सक डॉ. अजय गोस्वामी ने लोगों को सलाह दी है कि किसी पशु की बीमारी या संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने पर उसके मांस का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसे मांस में हानिकारक बैक्टीरिया या अन्य संक्रमणकारी तत्व होने की आशंका हो सकती है, जिससे फूड पॉइजनिंग और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

 

उन्होंने विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को ऐसे मांस से दूर रखने की सलाह दी है। मांस खाने के बाद उल्टी, दस्त, पेट दर्द, बुखार, अत्यधिक कमजोरी या डिहाइड्रेशन जैसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की गई है।

 

बच्चों में डिहाइड्रेशन का खतरा

लगातार उल्टी-दस्त होने से शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है। चिकित्सकों के अनुसार ऐसे मामलों में डॉक्टर की सलाह के अनुसार ओआरएस और पर्याप्त तरल पदार्थ देना जरूरी है। छोटे बच्चों में डिहाइड्रेशन तेजी से गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है, इसलिए लक्षण बढ़ने पर उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाना जरूरी है।

 

फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में मरीजों का उपचार जारी है और घटना के कारणों को लेकर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।


 

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