“चुनाव जीतो और विकास करो” — यूकेडी के सवालों पर महेंद्र भट्ट का जवाब
चमोली। कर्णप्रयाग में सिख यात्रियों और स्थानीय व्यापारियों के बीच हुई हिंसक घटना तथा पोखरी क्षेत्र की बदहाल सड़क व्यवस्था को लेकर शुक्रवार को उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के कार्यकर्ताओं ने मोहनखाल में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र प्रसाद भट्ट का घेराव कर जोरदार विरोध दर्ज कराया। इस दौरान यूकेडी कार्यकर्ताओं और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
यूकेडी नेता बीरू सजवाण के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के समक्ष कर्णप्रयाग में हुई घटना का मुद्दा उठाते हुए सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े किए। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि कर्णप्रयाग में स्थानीय लोगों पर धारदार हथियारों से हमला हुआ है, जिसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने क्षेत्र की जर्जर और बदहाल सड़क व्यवस्था का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया।
यूकेडी नेता बीरू सजवाण ने कहा कि जनता लंबे समय से सड़क, सुरक्षा और सम्मान जैसे बुनियादी मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रही है, लेकिन सरकार इन समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नजर नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को कर्णप्रयाग घटना पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
यूकेडी नेताओं के अनुसार प्रतिनिधिमंडल केवल क्षेत्रीय समस्याओं और कर्णप्रयाग की घटना को लेकर अपनी बात रखने पहुंचा था। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि बातचीत के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कथित रूप से कहा, “पहले चुनाव लड़ो, जीतो और तब विकास करो।” इस कथित टिप्पणी के बाद माहौल और अधिक गरमा गया तथा यूकेडी कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई। कार्यकर्ताओं का कहना था कि राज्य में भाजपा की सरकार है और प्रदेश में होने वाली घटनाओं तथा विकास कार्यों की जिम्मेदारी भी सरकार की ही बनती है। ऐसे में जनता के सवालों का जवाब देना जनप्रतिनिधियों का दायित्व है।
यूकेडी नेताओं ने कहा कि जब सरकार से सड़क, सुरक्षा और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सवाल पूछे जाते हैं तो जवाब देने के बजाय राजनीतिक टिप्पणी की जाती है, जो जनता की भावनाओं का अपमान है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता अपने अधिकारों और मूलभूत सुविधाओं के लिए लगातार संघर्ष कर रही है और सरकार को इन मुद्दों पर गंभीरता से काम करना चाहिए।
घेराव कार्यक्रम में केंद्रीय महामंत्री सुबोध बिष्ट, जिला महामंत्री भारत सिंह कुंवर, जिला मीडिया प्रभारी राजेश्वरी बर्त्वाल, युवा अध्यक्ष पोखरी लक्ष्मण नेगी, धर्मेंद्र फरस्वाण, गिरीश नेगी, बबिता देवी, सपना देवी, दमयंती देवी समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। यूकेडी ने मांग की कि क्षेत्र की सड़क समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए तथा कर्णप्रयाग हिंसक घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले कर्णप्रयाग विवाद को लेकर सिख समाज के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की थी। प्रतिनिधिमंडल ने सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे कथित भ्रामक प्रचार पर रोक लगाने तथा मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखी थी। कर्णप्रयाग की घटना को लेकर प्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।