हल्द्वानी में दूध की गुणवत्ता पर सवाल, पांच कंपनियों समेत खुले दूध के सैंपल फेल
हल्द्वानी। खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में हल्द्वानी क्षेत्र से लिए गए दूध के पांच नमूने निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। जिला अधिकारी नैनीताल के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने विभिन्न वितरकों से दूध के नमूने लेकर जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला, रुद्रपुर भेजे थे। प्रयोगशाला से प्राप्त रिपोर्ट के बाद विभाग ने संबंधित खाद्य कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जांच रिपोर्ट के अनुसार पारस स्टैंडर्ड मिल्क, मधुसूदन काऊ मिल्क, हेल्थवेज स्टैंडर्ड मिल्क, गाय-भैंस का खुला मिश्रित दूध और मदर डेयरी काऊ मिल्क के नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए।
किस दूध में कितनी कमी मिली?
जांच में पारस स्टैंडर्ड मिल्क में निर्धारित न्यूनतम 4.5 प्रतिशत मिल्क फैट के मुकाबले 3.75 प्रतिशत फैट पाया गया।
मधुसूदन काऊ मिल्क में निर्धारित 3.2 प्रतिशत के मुकाबले 3.11 प्रतिशत मिल्क फैट और 8.3 प्रतिशत के मुकाबले 8.0 प्रतिशत SNF पाया गया।
हेल्थवेज स्टैंडर्ड मिल्क में 4.5 प्रतिशत के मुकाबले 4.27 प्रतिशत फैट और 8.5 प्रतिशत के मुकाबले महज 7.21 प्रतिशत SNF मिला।
वहीं, गाय और भैंस के खुले मिश्रित दूध के नमूने में 4.5 प्रतिशत के मुकाबले 2.96 प्रतिशत फैट तथा 8.5 प्रतिशत के मुकाबले 6.59 प्रतिशत SNF पाया गया।
मदर डेयरी काऊ मिल्क के नमूने में भी निर्धारित 3.2 प्रतिशत के मुकाबले 3.04 प्रतिशत मिल्क फैट पाया गया।
मिलावट वाले पदार्थ नहीं मिले
हालांकि, प्रयोगशाला जांच में इन नमूनों में स्टार्च, यूरिया, नमक, न्यूट्रलाइजर, शुगर और कृत्रिम सिंथेटिक रंग जैसी मिलावट नहीं पाई गई। विभाग के अनुसार मुख्य कमी दूध में निर्धारित मानकों की तुलना में कम मिल्क फैट और/या सॉलिड नॉट फैट (SNF) पाए जाने की रही।
इसी आधार पर संबंधित नमूनों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और उसके नियम-विनियमों के तहत सबस्टैंडर्ड (अधोमानक) घोषित किया गया है।
कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू
खाद्य सुरक्षा विभाग ने संबंधित खाद्य कारोबारियों के खिलाफ अधिनियम के प्रावधानों के तहत आवश्यक अग्रिम विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
विभाग ने आम लोगों से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। साथ ही किसी भी तरह की मिलावट या संदिग्ध खाद्य पदार्थ की जानकारी तत्काल खाद्य सुरक्षा विभाग को देने की अपील की गई है।