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पहाड़ में सियासी पारा चढ़ाएगा सितंबर, उत्तराखंड में होगा राष्ट्रीय नेताओं का शक्ति प्रदर्शन

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By Pahadnews24
September 6, 2026 • 1 min read
पहाड़ में सियासी पारा चढ़ाएगा सितंबर, उत्तराखंड में होगा राष्ट्रीय नेताओं का शक्ति प्रदर्शन
पहाड़ में सियासी पारा चढ़ाएगा सितंबर, उत्तराखंड में होगा राष्ट्रीय नेताओं का शक्ति प्रदर्शन (Photo: Pahad News)

देहरादून। उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी गतिविधियां तेज होने लगी हैं। सितंबर का महीना प्रदेश की राजनीति के लिहाज से खास रहने वाला है। कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व के उत्तराखंड दौरे के संभावित कार्यक्रमों ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत पार्टी के कई बड़े नेताओं के प्रदेश दौरे की तैयारी की जा रही है।

 

उत्तराखंड में पिछले कुछ समय से राजनीतिक दल विभिन्न मुद्दों को लेकर सक्रिय हैं। हिंदू-मुस्लिम विवादों से लेकर दलित और अल्पसंख्यक मुद्दों तक प्रदेश की राजनीति राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रही है। अब सितंबर में राष्ट्रीय नेताओं की सक्रियता के बाद राज्य में सियासी मुकाबला और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

 

सितंबर में कांग्रेस का उत्तराखंड पर फोकस

उत्तराखंड कांग्रेस कैंपेन कमेटी के अध्यक्ष प्रीतम सिंह के मुताबिक सितंबर में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता उत्तराखंड का दौरा कर सकते हैं। एक ही महीने में पार्टी के शीर्ष नेताओं की प्रस्तावित सक्रियता को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

 

खास बात यह है कि 2027 में उत्तर प्रदेश और पंजाब समेत कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, लेकिन कांग्रेस का उत्तराखंड पर विशेष फोकस राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। पार्टी नेताओं का मानना है कि राष्ट्रीय नेतृत्व की सक्रियता से प्रदेश संगठन को मजबूती मिलेगी और कार्यकर्ताओं में भी उत्साह बढ़ेगा।

 

भाजपा ने कांग्रेस के दावों को बताया कमजोर

कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं के संभावित दौरों को लेकर भाजपा ने इसे ज्यादा प्रभावी नहीं माना है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी का कहना है कि राहुल गांधी, खड़गे या प्रियंका गांधी के उत्तराखंड आने से चुनावी नतीजों पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। उनके मुताबिक कांग्रेस के पास प्रदेश में मजबूत संगठनात्मक ढांचा नहीं है और केवल राष्ट्रीय नेताओं के दौरे से चुनाव नहीं जीता जा सकता।

 

राष्ट्रीय नेताओं के दौरे से बढ़ेगा चुनावी मुकाबला

उत्तराखंड में बीते कुछ समय से सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को लेकर बहस तेज हुई है। जातिगत राजनीति और विभिन्न संवेदनशील मुद्दों को लेकर भी प्रदेश राष्ट्रीय चर्चा में रहा है। ऐसे में कांग्रेस के साथ-साथ भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं की बढ़ती सक्रियता आने वाले दिनों में राज्य की सियासत को और गर्म कर सकती है।

 

2027 के विधानसभा चुनाव में अभी समय है, लेकिन दोनों प्रमुख राष्ट्रीय दलों की गतिविधियां बता रही हैं कि उत्तराखंड में चुनावी तैयारियों का दौर शुरू हो चुका है। सितंबर में राष्ट्रीय नेताओं के प्रस्तावित दौरों के बाद पहाड़ से लेकर मैदान तक सियासी माहौल और गरमाने की संभावना है।


 

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