हरिद्वार में संतों का 'बटर चिकन स्टिंग': ऑनलाइन नॉन-वेज डिलीवरी पर गरमाई बहस
📍 हरिद्वार | 10 मई 2026
धर्मनगरी हरिद्वार में ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स द्वारा नॉन-वेज भोजन की डिलीवरी को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। हाल ही में संतों के एक समूह ने एक ‘स्टिंग ऑपरेशन’ किया, जिसमें उन्होंने ऑनलाइन बटर चिकन ऑर्डर किया। संतों का दावा है कि प्रतिबंध के बावजूद मात्र 17 मिनट के भीतर डिलीवरी कर दी गई। इस घटना ने शहर में मांसाहारी भोजन की बिक्री और डिलीवरी पर लगे प्रतिबंधों के उल्लंघन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हरिद्वार, जिसे एक पवित्र धार्मिक नगरी माना जाता है, में हर की पौड़ी के 5 किलोमीटर के दायरे में मांस और शराब की बिक्री पर पहले से प्रतिबंध लागू है। इसके अलावा हाल ही में हरिद्वार नगर निगम ने पूरे शहर में कच्चे मांस की बिक्री पर रोक लगाने का प्रस्ताव भी पारित किया है। इसका उद्देश्य अर्द्ध कुंभ 2026 से पहले शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक पवित्रता बनाए रखना बताया गया है। इस प्रतिबंध में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से नॉन-वेज भोजन की डिलीवरी भी शामिल मानी जा रही है।
संतों द्वारा किए गए इस स्टिंग ऑपरेशन के बाद प्रशासन और फूड डिलीवरी कंपनियों पर दबाव बढ़ गया है। संत समाज का कहना है कि यह तीर्थ की मर्यादा और धार्मिक भावनाओं का उल्लंघन है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। उनका आरोप है कि ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियां नियमों की खुलेआम अनदेखी कर रही हैं।
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने फूड डिलीवरी कंपनियों, जैसे Zomato और Swiggy, को नोटिस जारी किए हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाली किसी भी सेवा या प्लेटफॉर्म के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह पूरा मामला हरिद्वार में धार्मिक परंपराओं और आधुनिक जीवनशैली के बीच बढ़ते टकराव को भी दर्शाता है। एक ओर संत और धार्मिक संगठन शहर की पवित्रता बनाए रखने की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ऑनलाइन फूड डिलीवरी आज शहरी जीवन का सामान्य हिस्सा बन चुकी है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस संवेदनशील मुद्दे पर क्या फैसला लेता है और क्या ऑनलाइन नॉन-वेज डिलीवरी पर पूरी तरह रोक लग पाती है।