केदारनाथ में टूटा रिकॉर्ड — 3 लाख भक्त पहुँचे, लेकिन बादल फटने का अलर्ट बना बड़ा खतरा
चारधाम यात्रा 2026 में अब तक 6.62 लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं और केदारनाथ में भीड़ का नया रिकॉर्ड बना है — मगर मौसम विभाग के भारी अलर्ट ने सबकी चिंता बढ़ा दी है।
मौसम विभाग चेतावनी — RED ALERT:
10 से 13 मई 2026 के बीच केदारनाथ, बद्रीनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री मार्ग पर भारी बारिश, तूफान और बादल फटने की आशंका। यात्रा पर निकलने से पहले स्थानीय प्रशासन से जानकारी अवश्य लें।
उत्तराखंड की पवित्र भूमि पर इस साल चारधाम यात्रा ने इतिहास रच दिया है। केदारनाथ धाम में कपाट खुलने के बाद से लेकर अब तक 3 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं — जो इस सीजन का एक नया कीर्तिमान है। वहीं चारों धामों को मिलाकर कुल 6 लाख 62 हजार से ज्यादा भक्त अब तक दर्शन लाभ उठा चुके हैं।
हर साल की भाँति इस बार भी देश के कोने-कोने से श्रद्धालु उत्तराखंड पहुँच रहे हैं। लेकिन इस भक्ति के उमंग भरे माहौल के बीच मौसम विभाग ने एक बड़ी चेतावनी जारी कर सबकी चिंता बढ़ा दी है। विभाग के अनुसार 10 से 13 मई 2026 के बीच यात्रा मार्गों पर बादल फटने, भारी तूफान और 40-60 किमी/घंटा की तेज हवाएँ चल सकती हैं।
“श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है।”
— मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
किन-किन इलाकों में है सबसे ज़्यादा खतरा?
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने विशेष रूप से रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी और टिहरी जिलों को हाई-रिस्क ज़ोन में रखा है। सोनप्रयाग, गुप्तकाशी, केदारनाथ मार्ग और जोशीमठ क्षेत्र में रात के समय अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
प्रशासन की ज़रूरी सलाह — यात्रियों के लिए
- यात्रा पर निकलने से पहले मौसम का ताज़ा अपडेट ज़रूर लें
- नदी-नालों के पास रात में रुकने से बचें
- रेनकोट, गर्म कपड़े और टॉर्च साथ रखें
- Tourist Care Helpline: 0135-2559898 नोट करें
- रजिस्ट्रेशन के बिना यात्रा पर न निकलें — ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
- हाई बीपी या दिल की बीमारी हो तो डॉक्टर की सलाह लेकर ही जाएँ