“वोट चोरी लोकतंत्र की आत्मा पर प्रहार” — भंडार बोरा चुनाव रद्द होने पर भड़के हरीश रावत
देहरादून। चंपावत जिले की भंडार बोरा जिला पंचायत सदस्य सीट का चुनाव रद्द होने के बाद उत्तराखंड की राजनीति गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे “वोट चोरी” करार दिया है और कहा है कि यह केवल जनादेश का अपमान नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा पर प्रहार है।
अपनी फेसबुक पोस्ट में हरीश रावत ने कहा कि कोर्ट द्वारा चुनाव रद्द करते समय की गई टिप्पणियां बेहद गंभीर और विचारणीय हैं। उन्होंने कहा कि अदालत ने माना है कि मतगणना के दौरान अतिरिक्त मत कहां से आए और उन्हें क्यों गिना गया, यह बड़ा सवाल है। साथ ही एक पार्टी विशेष के प्रत्याशी को विजयी घोषित करना पूरी तरह गलत बताया गया है।
हरीश रावत ने आरोप लगाया कि ऐसी स्थिति केवल चंपावत की भंडार बोरा सीट तक सीमित नहीं है, बल्कि कई क्षेत्रों में जिला पंचायत और प्रधान चुनावों में भी मतगणना के दौरान नियमों का उल्लंघन कर एक पार्टी विशेष को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया।
उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की “वोट चोरी” लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है और इससे केवल राजनीतिक दलों को ही नहीं, बल्कि आम मतदाता को भी सतर्क और सजग रहने की आवश्यकता है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी संदेश देते हुए कहा कि SIR में BLA’s की भूमिका अब अत्यधिक महत्वपूर्ण हो गई है और कांग्रेस को इस दिशा में गंभीर प्रयास करने होंगे, ताकि चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सकें।
पोस्ट के अंत में हरीश रावत ने लिखा —
“वोट की चोरी केवल जनादेश का अपमान नहीं, लोकतंत्र की आत्मा पर प्रहार है।”