केतन हत्याकांड में हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, जांच अधिकारी को दूसरे पक्ष की भी सुनवाई के निर्देश
देहरादून/नैनीताल: टिहरी गढ़वाल के लंबगांव स्थित चर्चित केतन लाल हत्याकांड मामले में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने अहम आदेश दिया है। कोर्ट ने जांच अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि मामले में दूसरे पक्ष, यानी किशोरी का पक्ष भी सुना जाए और उसकी शिकायत की विधिसम्मत जांच की जाए।
न्यायमूर्ति आलोक महरा की एकलपीठ ने किशोरी की मां द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि जांच निष्पक्ष होनी चाहिए और सभी पक्षों को सुना जाना आवश्यक है। इसके साथ ही कोर्ट ने याचिका का निस्तारण कर दिया।
क्या है मामला?
याचिका में किशोरी की मां ने आरोप लगाया कि घटना की रात उनकी 14 वर्षीय बेटी घर के ऊपरी कमरे में सो रही थी। रात करीब 12 बजे वह शौच के लिए बाहर गई। आरोप है कि उसी दौरान केतन लाल और उसका साथी दिवाकर डिमरी कमरे में घुस गए और अंदर से दरवाजा बंद कर दिया।
याचिका के अनुसार, दोनों ने किशोरी के साथ जबरदस्ती और दुष्कर्म का प्रयास किया। विरोध करने पर किशोरी के शरीर पर चोटें और खरोंच आईं। परिवार का आरोप है कि उन्होंने थाना, एसएसपी और जिलाधिकारी से शिकायत की, लेकिन उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई और न ही उनका पक्ष सुना गया।
दूसरी ओर क्या है आरोप?
मृतक केतन लाल के पिता की ओर से दर्ज मुकदमे के अनुसार, 8 जून 2026 की रात उन्हें यशवीर डिमरी का फोन आया। फोन पर बताया गया कि केतन और उसके साथी को घर में बंद कर उनके साथ मारपीट की गई तथा केतन को गंभीर रूप से घायल अवस्था में गदेरे में फेंक दिया गया। बाद में अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने केतन को मृत घोषित कर दिया, जबकि उसका साथी भी घायल मिला।
कोर्ट का निर्देश
हाईकोर्ट ने जांच अधिकारी को निर्देश दिया है कि किशोरी और उसके परिवार का पक्ष भी सुना जाए तथा उनकी शिकायत पर कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए। फिलहाल कोर्ट ने मामले में कोई अंतिम टिप्पणी किए बिना याचिका का निस्तारण कर दिया।