यूकेडी नेता संजय सिलस्वाल को जान से मारने की धमकी! पूर्व मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के PRO का नाम आने से मामला गरमाया
ऋषिकेश/देहरादून। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं आईटी प्रकोष्ठ के पदाधिकारी संजय सिलस्वाल ने कोतवाली ऋषिकेश में एक विस्तृत शिकायत देकर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में उन्होंने दावा किया है कि उन्हें फोन पर न केवल अभद्र गालियां दी गईं, बल्कि जान से मारने की धमकी, परिवार को नुकसान पहुंचाने की चेतावनी और राजनीतिक दबाव बनाने का प्रयास भी किया गया। इस पूरे मामले में पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के PRO कौशल बिजल्वाण का नाम भी सामने आया है, जिसकी निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायत के अनुसार 10 जून 2026 की रात लगभग 10:50 बजे से 11:05 बजे के बीच संजय सिलस्वाल को दो अलग-अलग मोबाइल नंबरों से कॉल प्राप्त हुई। कॉल करने वालों ने अपना नाम क्रमशः अनिरुद्ध शर्मा और दीपक चौधरी बताया।
संजय सिलस्वाल का आरोप है कि बातचीत के दौरान उन्हें बताया गया कि पूर्व मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के PRO कौशल बिजल्वाण उनसे बात करना चाहते हैं। इसके बाद उन्हें मिलने के लिए बुलाने का प्रयास किया गया।
कोयल घाटी तिराहे पर बुलाने का प्रयास
शिकायत में कहा गया है कि कॉल करने वाले व्यक्तियों ने उन्हें कोयल घाटी तिराहे पर मिलने के लिए कहा। साथ ही दावा किया कि उनके पास मंत्री सुबोध उनियाल से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्य हैं।
संजय सिलस्वाल का कहना है कि जब उन्होंने मिलने से इनकार किया तो उन्हें बताया गया कि वे कॉलेज चुनावों की “कन्वेंसिंग” से जुड़ी बात भी करना चाहते हैं। लेकिन जब उन्होंने दूसरी बार भी मिलने से स्पष्ट इनकार किया तो कॉल करने वालों का व्यवहार आक्रामक हो गया।
अभद्र भाषा और कथित गाली-गलौज
शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि इनकार के बाद कॉल करने वालों ने अत्यंत आपत्तिजनक, अश्लील और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया।
संजय सिलस्वाल का कहना है कि बातचीत के दौरान उन्हें लगातार गालियां दी गईं और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की कोशिश की गई।
“तुमने सुबोध उनियाल को टारगेट करके अच्छा नहीं किया”
शिकायत में उल्लेख है कि कॉल करने वालों ने कथित तौर पर कहा—
“तुम सुबोध उनियाल को टारगेट करके अच्छा नहीं किया है, तुम ऋषिकेश में भी मंत्री जी को लगातार टारगेट करते हो, अब हम यह सब और बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
इस कथन को संजय सिलस्वाल ने अपने राजनीतिक कार्यों और आलोचनात्मक बयानों से जोड़ते हुए गंभीर माना है।
यूकेडी कार्यकर्ताओं को लेकर भी कथित धमकी
शिकायत के अनुसार कॉल करने वालों ने कहा—
“तुम UKD वालों को अब हम तुम्हारी औकात दिखाएंगे।”
संजय सिलस्वाल का आरोप है कि यह धमकी केवल उन्हें ही नहीं बल्कि पूरे संगठन और उसके कार्यकर्ताओं को डराने का प्रयास था।
पत्नी, माता-पिता और परिवार को लेकर धमकी
शिकायत का सबसे गंभीर हिस्सा परिवार को लेकर दी गई कथित धमकियों से जुड़ा है।
संजय सिलस्वाल ने आरोप लगाया है कि बातचीत के दौरान उनकी पत्नी के निवास स्थान की जानकारी होने का दावा किया गया और उन्हें नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई।
इसके अलावा उनके माता-पिता के बारे में भी कथित रूप से कहा गया कि “उनका भी हिसाब कर देंगे”।
गोली मारने की धमकी का आरोप
शिकायत में दावा किया गया है कि कॉल करने वालों ने कहा—
“तुझे जहां मिलेगा, वहीं गोली मारेंगे।”
इसी आधार पर संजय सिलस्वाल ने जान के खतरे की आशंका जताई है और सुरक्षा की मांग की है।
यूकेडी की महिलाओं पर भी आपत्तिजनक टिप्पणियों का आरोप
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कॉल करने वालों ने यूकेडी से जुड़े कार्यकर्ताओं, समर्थकों तथा उनकी माताओं और बहनों के खिलाफ भी अत्यंत आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं।
संजय सिलस्वाल ने इसे सामाजिक और राजनीतिक मर्यादाओं के खिलाफ बताते हुए कार्रवाई की मांग की है।
कौशल बिजल्वाण के नंबर से व्हाट्सएप कॉल आने का दावा
शिकायत के अनुसार रात 11:22 बजे कौशल बिजल्वाण के नंबर से व्हाट्सएप कॉल भी प्राप्त हुई, जिसे उन्होंने स्वीकार नहीं किया।
यही कारण है कि उन्होंने पूरे घटनाक्रम में कौशल बिजल्वाण की संभावित भूमिका की जांच की मांग उठाई है।
“संगठित गिरोह या दबाव समूह की आशंका”
संजय सिलस्वाल ने शिकायत में कहा है कि पहले किसी बहाने से बुलाने का प्रयास, फिर धमकी देना और प्रभावशाली व्यक्तियों के नाम लेकर दबाव बनाना इस ओर संकेत करता है कि मामला किसी संगठित समूह या दबाव तंत्र से जुड़ा हो सकता है।
हालांकि इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।
पुलिस से क्या-क्या मांग की गई?
संजय सिलस्वाल ने पुलिस से कई बिंदुओं पर कार्रवाई की मांग की है—
- संबंधित मोबाइल नंबरों की पहचान की जाए।
- कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) निकाले जाएं।
- मोबाइल लोकेशन की जांच हो।
- कॉल रिकॉर्डिंग और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण किया जाए।
- दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए।
- पूरे मामले में कौशल बिजल्वाण की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो।
- उन्हें और उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए।
112 पर भी दी गई सूचना
शिकायत में उल्लेख किया गया है कि घटना के बाद उन्होंने आपातकालीन सेवा 112 पर भी सूचना दी थी और जांच में पूरा सहयोग देने की बात कही है।
कई उच्च अधिकारियों को भेजी गई प्रतिलिपि
इस शिकायत की प्रतिलिपि उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक (DGP), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून, पुलिस अधीक्षक नगर, साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, जिलाधिकारी देहरादून, उत्तराखंड राज्य महिला आयोग, राष्ट्रीय महिला आयोग तथा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को भी भेजी गई है।
अब सभी की नजर पुलिस जांच पर
यह मामला राजनीतिक रंग भी ले चुका है क्योंकि शिकायत में प्रदेश के प्रभावशाली नेताओं और उनके सहयोगियों के नामों का उल्लेख किया गया है। ऐसे में अब सबकी निगाहें पुलिस जांच पर हैं कि कॉल करने वाले लोग कौन थे, धमकियों के आरोप कितने सही हैं और शिकायत में लगाए गए अन्य आरोपों की सच्चाई क्या है।
नोट: यह समाचार संजय सिलस्वाल द्वारा पुलिस को दिए गए शिकायत पत्र में दर्ज आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की जांच के बाद ही वास्तविक तथ्य सामने आएंगे।