4 किलोमीटर तक डंडी में ले जानी पड़ी गर्भवती महिला, पहाड़ की हकीकत फिर आई सामने
पौड़ी गढ़वाल | 11 मई 2026
उत्तराखंड के पहाड़ी गांवों में विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत आज भी कई जगहों पर संघर्ष की कहानी कहती है। पौड़ी गढ़वाल और चमोली के कई दूरस्थ गांवों में सड़क तो बन गई, लेकिन स्वास्थ्य सेवाएं अब भी लोगों की पहुंच से दूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क बनने के बाद उम्मीद थी कि एंबुलेंस और जरूरी सुविधाएं गांव तक आएंगी, लेकिन हालात ज्यादा नहीं बदले।
बीते दिनों एक गर्भवती महिला को अस्पताल पहुँचाने के लिए ग्रामीणों को चार किलोमीटर तक डंडी-कांडी के सहारे पैदल चलना पड़ा। गांव वालों का आरोप है कि बारिश के समय सड़कें बंद हो जाती हैं और कई बार नेटवर्क तक नहीं रहता, जिससे मदद बुलाना भी मुश्किल हो जाता है।
स्थानीय युवाओं ने अब सोशल मीडिया पर “हमारा गांव, हमारी आवाज़” अभियान शुरू किया है। लोग वीडियो बनाकर प्रशासन तक अपनी समस्याएं पहुंचा रहे हैं। युवाओं का कहना है कि पलायन रोकना है तो गांवों में सिर्फ सड़क नहीं, बल्कि रोजगार, स्वास्थ्य और इंटरनेट जैसी सुविधाएं भी जरूरी हैं।
हाल ही में प्रदेश में बिजली और मौसम की समस्याओं को लेकर भी कई खबरें सामने आई हैं। कई गांवों और छोटे कस्बों में बिजली कटौती बढ़ने की बात रिपोर्टों में कही गई है।