सोशल मीडिया पोस्ट बैन करने के विरोध में यूकेडी का प्रदर्शन, साइबर पुलिस को भाजपा की टोपी और पट्टा भेंट करने निकले कार्यकर्ताओं को रास्ते में रोका
देहरादून। सोशल मीडिया पोस्टों को हटाने और विभिन्न सोशल मीडिया अकाउंट्स एवं वीडियो को भारत में बैन किए जाने के विरोध में रविवार को उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के आईटी प्रकोष्ठ ने देहरादून में साइबर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान यूकेडी कार्यकर्ता भाजपा की टोपी और पट्टा साइबर पुलिस को भेंट करने के लिए साइबर पुलिस स्टेशन की ओर रवाना हुए। पार्टी का आरोप है कि साइबर पुलिस भाजपा के इशारों पर काम करते हुए विपक्षी नेताओं, स्वतंत्र पत्रकारों और सरकार की आलोचना करने वाले लोगों की आवाज दबाने का काम कर रही है।
हालांकि, प्रदर्शनकारी साइबर पुलिस स्टेशन तक नहीं पहुंच सके। यूकेडी के केंद्रीय कार्यालय से कुछ ही दूरी पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया, जिसके बाद कार्यकर्ताओं ने वहीं विरोध प्रदर्शन किया और सरकार व साइबर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।

यूकेडी आईटी प्रकोष्ठ के कार्यकारी अध्यक्ष संजय सिलस्वाल ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ समय से आईटी एक्ट का हवाला देकर कई ऐसी सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो भारत में बैन किए गए हैं, जिनमें किसी भी प्रकार का कानूनी उल्लंघन नहीं था। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने वाले विपक्षी नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्वतंत्र पत्रकारों के कंटेंट पर लगातार कार्रवाई की जा रही है, जबकि भाजपा समर्थित कई सोशल मीडिया पेज खुलेआम नियमों का उल्लंघन करते हुए सामग्री प्रकाशित कर रहे हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही।

संजय सिलस्वाल ने कहा कि यदि किसी पोस्ट में वास्तव में कानून का उल्लंघन हुआ है तो कार्रवाई का आधार सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि बिना स्पष्ट कारण बताए पोस्ट और वीडियो हटाना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े करता है। इसी के विरोध में यूकेडी ने साइबर पुलिस से जवाब मांगने और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग को लेकर यह आंदोलन आयोजित किया।
प्रदर्शन में यूकेडी के केंद्रीय उपाध्यक्ष आशुतोष नेगी, केंद्रीय महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष संतोष भंडारी, केंद्रीय आईटी प्रकोष्ठ अध्यक्ष अतुल जैन, कार्यालय प्रभारी देवचंद उत्तराखंडी, यूकेडी युवा प्रकोष्ठ के केंद्रीय महासचिव विकास रयाल, केंद्रीय प्रवक्ता प्रमोद काला सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
यूकेडी ने चेतावनी दी कि यदि सोशल मीडिया पर विपक्ष की आवाज दबाने की कार्रवाई नहीं रुकी और पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित नहीं की गई, तो पार्टी प्रदेशभर में इस मुद्दे को लेकर व्यापक आंदोलन चलाएगी।