पांच राज्यों के नतीजों में BJP का दबदबा, बंगाल में ऐतिहासिक बढ़त; तमिलनाडु में विजय का धमाका, केरल में कांग्रेस की वापसी
रिपोर्ट: पहाड़ न्यूज़ 24
नई दिल्ली: देश के पांच राज्यों—असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी—में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों ने भारतीय राजनीति की दिशा को लेकर बड़ा संकेत दिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जहां असम में सत्ता बरकरार रखी और पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक बढ़त बनाकर सबको चौंका दिया, वहीं दक्षिण भारत में उसे अभी भी कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
असम में भाजपा की मजबूत वापसी
126 सदस्यीय असम विधानसभा में भाजपा ने लगातार दूसरी बार स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में पार्टी ने पिछली बार से भी बेहतर प्रदर्शन किया। कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरी, जबकि क्षेत्रीय दलों का प्रभाव सीमित रहा।
बंगाल में बड़ा उलटफेर
पश्चिम बंगाल के नतीजों ने सबसे ज्यादा राजनीतिक हलचल मचाई है। 294 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने 200 के पार सीटों पर बढ़त बनाकर सत्ता के करीब पहुंचते हुए ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है। इसे पूर्वी भारत में भाजपा के सबसे बड़े विस्तार के रूप में देखा जा रहा है।
पुडुचेरी में NDA कायम
पुडुचेरी में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने सत्ता बरकरार रखी है। मुख्यमंत्री एन. रंगासामी की पार्टी एआईएनआरसी ने सबसे ज्यादा सीटें हासिल कीं, जबकि भाजपा और सहयोगियों ने मिलकर बहुमत बनाए रखा।
तमिलनाडु में विजय का राजनीतिक धमाका
तमिलनाडु में अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिझगा वेत्री कड़गम (टीवीके) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। पहली बार चुनाव लड़ते हुए पार्टी का यह प्रदर्शन राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है, हालांकि बहुमत से वह अभी दूर है।
केरल में कांग्रेस की वापसी
केरल में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने वापसी करते हुए सत्ता परिवर्तन कर दिया है। वाम मोर्चे को बड़ा झटका लगा है और कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन ने स्पष्ट बढ़त हासिल की है।
क्या है बड़ा राजनीतिक संदेश?
इन नतीजों से साफ है कि भाजपा अभी भी राष्ट्रीय स्तर पर सबसे मजबूत चुनावी ताकत बनी हुई है, खासकर पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में। वहीं दक्षिण भारत में क्षेत्रीय दलों का दबदबा कायम है। तमिलनाडु में विजय का उभार और केरल में कांग्रेस की वापसी विपक्ष के लिए नई ऊर्जा का संकेत है।
पश्चिम बंगाल के नतीजे इस चुनाव का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट माने जा रहे हैं, जहां भाजपा ने लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक बाधा को तोड़ते हुए सत्ता के दरवाजे तक दस्तक दे दी है।
(पहाड़ न्यूज़ 24)