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नगरासू और कर्णप्रयाग प्रकरण पर मुख्यमंत्री धामी ने तोड़ी चुप्पी, चारधाम और हेमकुंट यात्रा में श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता, अफवाहों से बचें: मुख्यमंत्री धामी

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By Pahadnews24
June 23, 2026 • 1 min read
नगरासू और कर्णप्रयाग प्रकरण पर मुख्यमंत्री धामी ने तोड़ी चुप्पी, चारधाम और हेमकुंट यात्रा में श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता, अफवाहों से बचें: मुख्यमंत्री धामी
नगरासू और कर्णप्रयाग प्रकरण पर मुख्यमंत्री धामी ने तोड़ी चुप्पी, चारधाम और हेमकुंट यात्रा में श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता, अफवाहों से बचें: मुख्यमंत्री धामी (Photo: Pahad News)

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी  ने चारधाम एवं हेमकुंट साहिब यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा को राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए अधिकारियों को यात्रा व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में आने वाले सभी श्रद्धालुओं और पर्यटकों का राज्य सरकार स्वागत करती है तथा सभी से यात्रा का आनंद लेने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की।


 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड आस्था, संस्कृति और प्राकृतिक विरासत का केंद्र है तथा यहां आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु का सम्मान करना राज्य की परंपरा का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के साथ-साथ हेमकुंट साहिब यात्रा भी सुचारु रूप से संचालित हो रही है। चारधाम यात्रा में अब तक 40 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जबकि हेमकुंट साहिब यात्रा में इस वर्ष शुरुआती दिनों में ही पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 25 हजार अधिक श्रद्धालु पहुंच चुके हैं।


 

बैठक में मुख्यमंत्री ने कर्णप्रयाग और नगरासू में हाल के दिनों में सामने आए घटनाक्रमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों मामलों में प्रशासन और पुलिस सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष कार्रवाई कर रहे हैं। जांच में जो भी दोषी पाया गया है, उसके विरुद्ध कार्रवाई की गई है तथा तथ्यों के आधार पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में स्थित हेमकुंट साहिब, रीठा साहिब और नानकमत्ता साहिब जैसे पवित्र सिख तीर्थस्थलों पर प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। सभी धर्मों और समुदायों का सम्मान करना देवभूमि की संस्कृति का अभिन्न अंग है और ‘अतिथि देवो भवः’ की भावना के अनुरूप यहां आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का स्वागत किया जाता है।


 

सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक और भड़काऊ सूचनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज और समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि अपुष्ट जानकारी साझा करने से बचें और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में सहयोग करें।


 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट रुख है कि उत्तराखण्ड में ऐसा कोई भी कृत्य स्वीकार नहीं किया जाएगा जिससे किसी व्यक्ति की गरिमा, किसी धर्म की आस्था अथवा सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचे। उन्होंने कहा कि संवाद, आपसी विश्वास और सौहार्दपूर्ण वातावरण ही किसी भी समस्या के समाधान का सर्वोत्तम माध्यम है।


 

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