थराली अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही! जली दवाओं के बाद अब मिलीं एक्सपायरी दवाइयां
थराली। चमोली जिले के थराली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में सरकारी दवाइयों के प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कुछ दिन पहले अस्पताल परिसर में बड़ी मात्रा में सरकारी दवाइयां जली हुई मिलने का मामला सामने आया था, वहीं अब जांच के दौरान अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में एक्सपायरी दवाइयां और मास्क भी बरामद हुए हैं।
जली हुई दवाइयों का मामला सामने आने के बाद मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) चमोली डॉ. अभिषेक गुप्ता के निर्देश पर दो सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया था। समिति के अध्यक्ष उप जिला चिकित्सालय कर्णप्रयाग के अधीक्षक भगवती प्रसाद पुरोहित तथा सदस्य चीफ फार्मासिस्ट अनिल मिश्रा ने सोमवार को सीएचसी थराली पहुंचकर जांच शुरू की।
जांच के दौरान अस्पताल परिसर में स्थित चिकित्सकों के सरकारी आवास के एक कमरे की खिड़की से बड़ी मात्रा में एक्सपायरी दवाइयां और मास्क दिखाई दिए। जांच टीम ने खिड़की से ही तस्वीरें लीं, लेकिन कमरे का ताला नहीं खुलवाया गया और न ही कमरे को सील किया गया। इससे स्थानीय लोगों के बीच जांच प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
जांच टीम ने अस्पताल के स्टॉक रजिस्टर और अन्य अभिलेखों की भी जांच की तथा उस स्थान का निरीक्षण किया जहां कथित रूप से सरकारी दवाइयों को जलाया गया था। मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
जांच समिति के अध्यक्ष भगवती प्रसाद पुरोहित ने बताया कि मुख्य चिकित्साधिकारी ने एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर टीम दोबारा थराली पहुंचकर विस्तृत जांच करेगी। जांच रिपोर्ट सीएमओ चमोली को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।