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अमेरिकी कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की मौत, भारत की प्रतिक्रिया पर उठे सवाल

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By Pahadnews24
June 12, 2026 • 1 min read
अमेरिकी कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की मौत, भारत की प्रतिक्रिया पर उठे सवाल
अमेरिकी कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की मौत, भारत की प्रतिक्रिया पर उठे सवाल (Photo: Pahad News)

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में ईरान के खिलाफ अमेरिका के समुद्री अभियान के दौरान तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत की प्रतिक्रिया को लेकर नई बहस छिड़ गई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह अभियान के दौरान ऐसा पहला मामला माना जा रहा है जिसमें किसी हमले में मौतों की पुष्टि हुई है।


 

जानकारी के मुताबिक, ओमान की खाड़ी में भारतीय चालक दल वाले तेल टैंकर एमटी सेटेबेलो को अमेरिकी सेना ने निशाना बनाया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) का दावा है कि जहाज ने बार-बार दी गई चेतावनियों और निर्देशों का पालन नहीं किया, जिसके बाद कार्रवाई करते हुए उसके इंजन कक्ष को निशाना बनाया गया। इस घटना में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई।


 

केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने तीनों लापता भारतीय नाविकों के शव बरामद होने की पुष्टि की है। वहीं जहाज पर मौजूद अन्य भारतीय चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया।


 

रिपोर्टों के अनुसार, भारत ने इस मामले में अमेरिका के समक्ष कूटनीतिक विरोध दर्ज कराया है। हालांकि कई पूर्व राजनयिकों और विदेश नीति विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय नागरिकों की मौत के बावजूद भारत की आधिकारिक प्रतिक्रिया अपेक्षाकृत नरम रही है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत समुद्री व्यापार की सुरक्षा को अत्यंत महत्वपूर्ण मानता है और ऐसे हमले रुकने चाहिए।


 

पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल ने सवाल उठाया कि भारतीय नाविकों की मौत के बावजूद पूरे मामले को केवल प्रतिबंधों और नियमों के संदर्भ में क्यों देखा जा रहा है। वहीं सामरिक मामलों के विशेषज्ञ ब्रह्मा चेलानी का कहना है कि यदि ऐसी घटना में अमेरिकी नागरिक मारे गए होते तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कहीं अधिक तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिलती।


 

विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि भारतीय नागरिकों की मौत के मामले में आधिकारिक बयान में हमलावर देश का स्पष्ट उल्लेख किया जाना चाहिए था। इस मुद्दे पर भारत की विदेश नीति और कूटनीतिक रुख को लेकर चर्चा तेज हो गई है।


 

बताया जा रहा है कि अमेरिका ने 13 अप्रैल से ईरान के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य ईरान के तेल निर्यात पर दबाव बनाना है। अमेरिकी पक्ष का दावा है कि इस अभियान के तहत कई जहाजों को रोका गया है और कई का मार्ग बदला गया है।


 

भारत और अमेरिका क्वॉड समूह के महत्वपूर्ण साझेदार हैं। ऐसे में तीन भारतीय नाविकों की मौत की घटना ने दोनों देशों के संबंधों और समुद्री सुरक्षा के मुद्दे पर नई कूटनीतिक बहस को जन्म दे दिया है। फिलहाल अमेरिका की ओर से मृत भारतीय नाविकों के संबंध में किसी सार्वजनिक माफी या औपचारिक संवेदना की घोषणा नहीं की गई है।


 

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