कमर्शियल वाहनों पर सफेद नंबर प्लेट लगाने का मामला, परिवहन विभाग करेगा कार्रवाई; सरकारी अधिकारियों के वाहनों पर भी उठे सवाल
देहरादून: उत्तराखंड में आम नागरिकों के वाहनों पर मोटर वाहन नियमों के उल्लंघन को लेकर चालान और सीज की कार्रवाई की जाती है, लेकिन सरकारी अधिकारियों को आवंटित कुछ कमर्शियल वाहनों पर सफेद नंबर प्लेट लगाए जाने का मामला सामने आने के बाद परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। नियमों के अनुसार निजी यानी नॉन-ट्रांसपोर्ट वाहनों पर काले अक्षरों वाली सफेद नंबर प्लेट, जबकि टैक्सी, बस और अन्य व्यावसायिक वाहनों पर काले अक्षरों वाली पीली नंबर प्लेट निर्धारित है। आरोप है कि कुछ कमर्शियल श्रेणी के वाहनों से मूल पीली नंबर प्लेट हटाकर सफेद नंबर प्लेट लगा दी गई है।
ऐसे वाहन सचिवालय परिसर समेत प्रदेश की सड़कों पर अधिकारियों के पदनाम और ‘उत्तराखंड सरकार’ लिखे हुए देखे जा रहे हैं। परिवहन विभाग के उप परिवहन आयुक्त शैलेश कुमार तिवारी ने कहा कि टैक्सी नंबर वाले वाहनों पर सफेद नंबर प्लेट लगाने की अनुमति नहीं है और ऐसे मामलों में वाहनों को सीज करने के साथ संबंधित लोगों को नोटिस दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन संस्थानों द्वारा वाहनों को आवंटित या हायर किया जाता है, उन्हें भी परिवहन विभाग की ओर से नोटिस भेजा जाएगा। विभाग अब ऐसे वाहनों की जांच कर यह स्पष्ट करेगा कि कितने वाहनों में नियमों का उल्लंघन हुआ है और किन अधिकारियों या विभागों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे मामले ने सवाल खड़ा कर दिया है कि जब आम नागरिकों पर मोटर वाहन नियमों का सख्ती से पालन कराया जाता है, तो सरकारी अधिकारियों को आवंटित वाहनों पर वही नियम समान रूप से क्यों लागू नहीं हो रहे हैं?