छात्रों पर लाठीचार्ज मामले में तत्काल सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, CJI सूर्यकांत बोले— ‘वीडियो देखने का समय नहीं’
नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर से संसद की ओर निकाले गए छात्र मार्च के दौरान हुए पुलिस लाठीचार्ज का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। प्रदर्शनकारियों की ओर से दायर याचिका में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को चुनौती देते हुए तत्काल सुनवाई की मांग की गई, लेकिन भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस पर तुरंत सुनवाई करने से इनकार कर दिया।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि छात्रों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई के वीडियो उपलब्ध हैं और मामले की तत्काल सुनवाई आवश्यक है। इस पर CJI सूर्यकांत ने कहा कि अदालत के पास वीडियो देखने का समय नहीं है और तत्काल सुनवाई की आवश्यकता नहीं बनती। उन्होंने वकील से कहा कि अदालत और अपना समय व्यर्थ न करें।
इससे एक दिन पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने भी इसी घटनाक्रम से जुड़ी एक अन्य याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया था। हाईकोर्ट ने टिप्पणी की थी कि इस मामले में अदालत को न घसीटा जाए।
गौरतलब है कि 20 जुलाई को दिल्ली में आयोजित ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच टकराव हुआ था। प्रदर्शनकारी NEET-UG 2026 परीक्षा से जुड़े मुद्दों, परीक्षा प्रणाली में सुधार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में पारदर्शिता की मांग कर रहे थे। इस दौरान पुलिस द्वारा बल प्रयोग और लाठीचार्ज के वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किए गए, जिसके बाद पूरे घटनाक्रम को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस छिड़ गई है।