🚨 BREAKING NEWS
Advertisement
Advertise with us
Homeदेश / विदेशशांति समझौता लागू न होने से नाराज सरेंडर...

शांति समझौता लागू न होने से नाराज सरेंडर उग्रवादी, 12 जून को रेल-सड़क नाकाबंदी की चेतावनी

P
By Pahadnews24
June 9, 2026 • 1 min read
शांति समझौता लागू न होने से नाराज सरेंडर उग्रवादी, 12 जून को रेल-सड़क नाकाबंदी की चेतावनी
शांति समझौता लागू न होने से नाराज सरेंडर उग्रवादी, 12 जून को रेल-सड़क नाकाबंदी की चेतावनी (Photo: Pahad News)

अगरतला। त्रिपुरा में दो साल पहले हथियार डाल चुके उग्रवादियों ने राज्य और केंद्र सरकार के साथ हुए शांति समझौते को तत्काल लागू करने की मांग करते हुए 12 जून से 72 घंटे की रेल और सड़क नाकाबंदी की चेतावनी दी है। उनका आरोप है कि समझौते के तहत घोषित पुनर्वास और विकास योजनाओं पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।


 

गौरतलब है कि सितंबर 2024 में त्रिपुरा के सिपाहीजला जिले के जम्पाइजाला में मुख्यमंत्री Manik Saha की मौजूदगी में National Liberation Front of Tripura (एनएलएफटी) और All Tripura Tiger Force (एटीटीएफ) के लगभग 1,200 सदस्यों ने आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद केंद्र सरकार ने आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों और आदिवासी समुदाय के समग्र विकास के लिए 250 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की घोषणा की थी।


 

आत्मसमर्पण कर चुके उग्रवादियों के नेता Prasenjit Debbarma ने आरोप लगाया कि शांति समझौते को हुए दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन पुनर्वास और विकास से जुड़े अधिकांश वादे अभी तक पूरे नहीं किए गए हैं। उन्होंने बताया कि 1,200 पूर्व उग्रवादियों में से केवल 79 का ही पुनर्वास हो सका है, जबकि बाकी लोगों का भविष्य अब भी अनिश्चित बना हुआ है।


 

देबबर्मा के अनुसार, उन्होंने मुख्य सचिव जे.के. सिन्हा को पत्र लिखकर केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah से मुलाकात का समय मांगा था, लेकिन इस संबंध में कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि सरकार की उदासीनता के कारण अब आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।


 

पूर्व उग्रवादियों ने घोषणा की है कि 12 जून से 72 घंटे तक खोवाई जिले के खोवाई और तेलियामुरा तथा पश्चिम त्रिपुरा जिले के बरमुरा क्षेत्र में रेल और सड़क यातायात बाधित किया जाएगा। उनका कहना है कि जब तक शांति समझौते को पूरी तरह लागू नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।


 

देश / विदेश UTTARAKHAND