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तुंगनाथ-चोपता के संरक्षित बुग्यालों में घुसने को लेकर बवाल, पर्यटकों पर स्थानीय युवाओं को धमकाने का आरोप

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By Pahadnews24
May 18, 2026 • 1 min read
तुंगनाथ-चोपता के संरक्षित बुग्यालों में घुसने को लेकर बवाल, पर्यटकों पर स्थानीय युवाओं को धमकाने का आरोप
तुंगनाथ-चोपता के संरक्षित बुग्यालों में घुसने को लेकर बवाल, पर्यटकों पर स्थानीय युवाओं को धमकाने का आरोप (Photo: Pahad News)

रुद्रप्रयाग/चोपता। उत्तराखंड के प्रसिद्ध तुंगनाथ-चोपता क्षेत्र से एक बार फिर पर्यावरणीय संवेदनशीलता और पर्यटकों के गैर-जिम्मेदार रवैये से जुड़ा मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में देखा जा सकता है कि हरियाणा से आए कुछ पर्यटक संरक्षित और संवेदनशील बुग्यालों में जाने की जिद कर रहे हैं, जबकि स्थानीय युवा उन्हें ऐसा करने से रोकते नजर आ रहे हैं।


 

स्थानीय युवाओं का कहना था कि बुग्याल बेहद संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र का हिस्सा हैं और वहां प्रवेश प्रतिबंधित है। इन क्षेत्रों में जाने से दुर्लभ वनस्पतियों, जड़ी-बूटियों और प्राकृतिक संतुलन को नुकसान पहुंचता है। यही वजह है कि प्रशासन और वन विभाग की ओर से चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं तथा समय-समय पर जागरूकता अभियान भी चलाए जाते हैं।


 

लेकिन वीडियो में दिख रहा है कि कुछ पर्यटक स्थानीय युवाओं की बात सुनने के बजाय उनसे बहस करने लगे। आरोप है कि पर्यटकों के समूह में शामिल एक युवक ने स्थानीय युवाओं को “यहीं काट दूंगा” जैसी धमकी तक दे डाली। इसके बाद मौके पर तनावपूर्ण माहौल बन गया।


 

यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग पर्यटकों के व्यवहार पर नाराजगी जता रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहाड़ केवल पर्यटन स्थल नहीं बल्कि यहां की संस्कृति, प्रकृति और पर्यावरण लोगों की जीवनरेखा है। बुग्यालों पर लगातार बढ़ती मानवीय गतिविधियों से पहले ही खतरा मंडरा रहा है और यदि समय रहते सख्ती नहीं की गई तो आने वाले समय में इन प्राकृतिक धरोहरों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।


 

स्थानीय लोगों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि संरक्षित बुग्यालों में अवैध प्रवेश करने वालों पर केवल चालान ही नहीं बल्कि सख्त कानूनी कार्रवाई भी की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।


 

उत्तराखंड के पर्यावरण प्रेमियों और सामाजिक संगठनों ने भी लोगों से अपील की है कि पहाड़ों में घूमने आएं, लेकिन यहां की प्रकृति, संस्कृति और नियमों का सम्मान करना भी सीखें।


 

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