UKD में घमासान के बीच शिकायत पत्र वायरल, आशुतोष नेगी के समर्थन में नाराजगी; नेगी बोले- “जनता ने तुम्हें पहचान लिया है”
देहरादून। उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) में चल रहे अंदरूनी विवाद के बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक तस्वीर ने पार्टी की सियासत को फिर गरमा दिया है। वायरल फोटो के अनुसार, एक प्रतिनिधिमंडल ने PCS प्रमोद कुमार से मुलाकात कर शिकायत पत्र सौंपते हुए पार्टी में वर्तमान में चल रहे विवाद के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है।
वायरल तस्वीर में पंकज व्यास, जय प्रकाश उपाध्याय, उत्तरकाशी के जिलाध्यक्ष बिहारी लाल जगूड़ी सहित पार्टी के अन्य कार्यकर्ता भी दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, शिकायत पत्र में यह स्पष्ट नहीं है कि शिकायत किस व्यक्ति अथवा किस प्रकरण को लेकर की गई है।
इसके बावजूद सोशल मीडिया पर वायरल फोटो और शिकायत पत्र को UKD के पूर्व केंद्रीय उपाध्यक्ष आशुतोष नेगी से जोड़कर देखा जा रहा है। इसको लेकर नेगी समर्थकों में नाराजगी की बात सामने आ रही है। वहीं, खुद आशुतोष नेगी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर यही तस्वीर साझा करते हुए लिखा— “पुलिस पहचाने न पहचाने जनता ने तुम्हें पहचान लिया है दलालों…”
नेगी की इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर UKD के अंदर चल रहे विवाद को लेकर बहस और तेज हो गई है। समर्थकों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर शिकायत किसके खिलाफ है और उसमें किन आरोपों की जांच की मांग की गई है।
विवाद सुलझाने के बजाय और उलझाने की चर्चा
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, जिस समय पार्टी के भीतर चल रहे विवाद को बातचीत और आपसी समन्वय के जरिए सुलझाने की कोशिश होनी चाहिए, ऐसे समय में शिकायतों और आरोप-प्रत्यारोप का सार्वजनिक होना स्थिति को और जटिल कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पार्टी के भीतर चल रहा विवाद खत्म होने के बजाय और उलझने की संभावना बढ़ती है।
हालांकि, यह भी महत्वपूर्ण है कि वायरल तस्वीर के आधार पर शिकायत को सीधे तौर पर किसी एक व्यक्ति के खिलाफ मान लेना उचित नहीं होगा। शिकायत पत्र की पूरी सामग्री और संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत किन आरोपों और किस प्रकरण को लेकर की गई है।