36 सीटों की सूची से UKD में फिर घमासान, निष्कासित आशुतोष नेगी का नाम भी शामिल
देहरादून। उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले अंदरूनी विवाद एक बार फिर गहराता नजर आ रहा है। पार्टी से निष्कासित किए गए पूर्व केंद्रीय उपाध्यक्ष आशुतोष नेगी ने सोमवार को अपनी Facebook प्रोफाइल पर एक दस्तावेज साझा किया है। दस्तावेज में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए 36 विधानसभा सीटों पर संभावित प्रत्याशियों के नाम प्रस्तावित किए गए हैं।
दस्तावेज के अनुसार, 6 सितंबर को रायपुर स्थित डोभाल चौक में UKD के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के एक समूह की बैठक आयोजित की गई। बैठक में आशुतोष नेगी के निष्कासन को कथित तौर पर अवैध और असंवैधानिक बताते हुए उसे निरस्त करने की मांग की गई। इसी दस्तावेज में 2027 चुनाव के लिए विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से संभावित दावेदारों के नाम भी प्रस्तावित किए गए हैं।
खास बात यह है कि प्रस्तावित सूची में रायपुर विधानसभा सीट से आशुतोष नेगी का नाम भी शामिल है। इससे पार्टी के भीतर चल रहे मतभेद और चुनावी तैयारियों को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
शाम 5:30 बजे की डेडलाइन पर टिकी नजरें
दस्तावेज में एक महत्वपूर्ण समय-सीमा का भी उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया है कि यदि 7 सितंबर को शाम 5:30 बजे तक केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती की ओर से बैठक में रखे गए प्रस्तावों पर कोई विधिवत निर्णय नहीं लिया जाता है, तो बैठक में शामिल कार्यकर्ता, पदाधिकारी और समर्थक दल एवं उत्तराखंड राज्यहित में स्वतंत्र रूप से आवश्यक निर्णय लेने के लिए बाध्य होंगे।
इस डेडलाइन ने UKD के भीतर संभावित अगले कदम को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा बढ़ा दी है। हालांकि, दस्तावेज में किए गए दावों और प्रस्तावों पर पार्टी नेतृत्व की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है।
अब आगे क्या?
ऐसे में मामला अब सिर्फ आशुतोष नेगी के निष्कासन तक सीमित नहीं रह गया है। सवाल यह भी है कि क्या केंद्रीय नेतृत्व शाम 5:30 बजे की समय-सीमा से पहले कोई निर्णय लेता है या नहीं।
क्या आशुतोष नेगी का निष्कासन वापस होगा?
क्या 36 सीटों की प्रस्तावित सूची पर पार्टी नेतृत्व कोई फैसला लेगा?
या फिर उत्तराखंड क्रांति दल में कोई बड़ा संगठनात्मक घटनाक्रम सामने आएगा?
फिलहाल नजरें आज शाम 5:30 बजे पर टिकी हैं।