युकेडी के आशुतोष भंडारी के संघर्ष का असर! चंद्रापुरी में प्रस्तावित शराब के ठेके की अनुमति निरस्त, जनभावनाओं की जीत
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ क्षेत्र में प्रस्तावित शराब के ठेके के विरोध में लगातार मुखर रहे उत्तराखंड क्रांति दल के फायर ब्रांड नेता एवं पूर्व विधायक प्रत्याशी आशुतोष भंडारी के आंदोलन को बड़ी सफलता मिलती दिखाई दे रही है। आबकारी आयुक्त, उत्तराखंड द्वारा जारी आदेश में चंद्रापुरी में प्रस्तावित विदेशी मदिरा उपदुकान की अनुमति को जनभावनाओं और क्षेत्र की धार्मिक-सांस्कृतिक गरिमा को देखते हुए निरस्त/स्थगित करने के निर्देश दिए गए हैं।
पिछले कई दिनों से आशुतोष भंडारी अपने साथियों के साथ इस मुद्दे को लगातार उठा रहे थे। उनका कहना था कि केदारनाथ धाम की ओर जाने वाले मार्ग पर शराब का ठेका खोलना स्थानीय जनता की भावनाओं और देवभूमि की संस्कृति के विपरीत है। उन्होंने इस निर्णय के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर प्रशासन से अनुमति वापस लेने की मांग की थी।
आदेश में भी उल्लेख किया गया है कि स्थानीय जनता की आपत्तियों, सामाजिक हितों तथा क्षेत्र की धार्मिक-सांस्कृतिक गरिमा को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया गया है। यही कारण है कि अब इस प्रस्तावित उपदुकान की अनुमति निरस्त/स्थगित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
इस पूरे घटनाक्रम पर आशुतोष भंडारी ने कहा, “यह किसी व्यक्ति की नहीं बल्कि जनभावनाओं, केदारनाथ की आस्था और देवभूमि की संस्कृति की जीत है। जब भी हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान पर आंच आएगी, उत्तराखंड क्रांति दल और मैं जनता के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे।”
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस मुद्दे पर आशुतोष भंडारी की लगातार सक्रियता ने जनदबाव बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके बाद प्रशासन को मामले पर पुनर्विचार करना पड़ा।